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सुशासन तिहार में बालोद जिले में मिले 01 लाख 33 हजार 321 आवेदन….इतने को हुआ समाधान..बाकी आवेदनों का ऐसे होगा निपटारा

बालोद। कलेक्टर दिव्या रमेश मिश्रा ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के पत्रकारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रेस वार्ता में वर्तमान में चल रहे सुशासन तिहार के संबंध में जानकारी दी। साथ ही 5 मई से जिले में होने वाले समाधान शिविरों की जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में सुशासन की स्थापना को लेकर लगातार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शासन-प्रशासन के हर स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता आए. योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन हो, और इनका लाभ उन जरूरतमंद वर्गों तक समयबद्ध ढंग से पहुंचे, जिनके लिए ये योजनाएं बनाई गई हैं। इसी कड़ी में, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य में ‘सुशासन तिहार 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इस तिहार का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान, शासकीय योजनाओं की समीक्षा और निगरानी, विकास कार्यों में तेजी लाना, और जनता, जनप्रतिनिधियों व सामाजिक संगठनों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है। सुशासन तिहार-2025 का आयोजन तीन चरणों में किया जा रहा है।

बालोद जिले में कुल 01 लाख 33 हजार 321 प्राप्त हुए आवेदन

कलेक्टर ने बताया कि पहला चरण 08 अप्रैल से 11 अप्रैल तक आयोजित हुआ। जिसमें आम जनता से उनकी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए हैं। ये आवेदन समाधान पेटी, शिविर और ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से लिए गए हैं। आवेदन प्राप्त करने के लिए समाधान पेटी की व्यवस्था जिला और विकासखण्ड मुख्यालय स्तर पर की गई थी। हाट बाजारों में भी आवेदनो का संग्रह किया गया है। बालोद जिले में कुल 01 लाख 33 हजार 321 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 01 लाख 13 हजार 749 आवेदन निराकृत हो चुके है। शेष आवेदनों को तेजी से निराकृत किये जा रहे है।

मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर किया जा रहा है निराकृत

प्रेस वार्ता में कलेक्टर ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड कर संबंधित विभाग, जनपद और नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजकर उनके गुणवत्तापूर्ण निराकरण की कार्रवाई की जा रही है। मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जा रहा है। आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता की समीक्षा जिला और राज्य स्तर पर की जा रही है।तीसरे एवं अंतिम चरण की शुरूआत 05 मई से हो रही है. जो 30 मई तक चलेगा। इस दौरान जिले के 08 से 15 ग्राम पंचायतों के बीच एक समाधान शिविर का आयोजन किया जाएगा। नगरीय निकायों में भी शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में आवेदकों को उनके आवेदनों पर की गई विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी दी जाएगी। शिविरों में नए आवेदन भी लिए जाएंगे, और जिन मामलों का समाधान वहीं संभव होगा, उनका मौके पर ही निराकरण किया जाएगा। विभागीय अधिकारी समाधान शिविरों में विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देंगे साथ ही हितग्राहीमूलक योजनाओं के आवेदन पत्र / प्रपत्र भी उपलब्ध कराएंगे। समाधान शिविरों में विकासखंड एवं अनुभाग स्तर के सभी अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिला स्तर से भी कुछ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।इसी तरह की व्यवस्था नगरीय निकायों के शिविरों में भी रहेगी। तीसरे चरण के दौरान मुख्यमंत्री , उप मुख्यमंत्रीगण, मंत्रीगण, मुख्य सचिव, प्रभारी सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी कुछ समाधान शिविरों में शामिल होंगे और आम जनता से सीधा संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री जी विकास कार्यों और योजनाओं का औचक निरीक्षण भी करेंगे और योजनाओं के जमीनो लाभ के बारे में फीडबैक लेंगे। मुख्यमंत्री जिला मुख्यालय पर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे, जिसमे शिविरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति, विभिन्न योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री अपने प्रवास के दौरान प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे और विभिन्न संगठनों एवं नागरिकों से भेंट भी करेंगे।

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