
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यह हमारे बस्तर की अस्मिता का सवाल है। जीव, जंतु, पशु, पक्षी, मानव सभी के लिये पानी आवश्यक है। सरकार इंद्रावती नदी को नहीं बचा पायी तो बस्तर में भूचाल आ जायेगा। राज्य सरकार इंद्रावती नदी को बचाने के लिये एक कदम नहीं उठा पा रही है, जल संरक्षण और संवर्धन के लिए, उसके संतुलित उपयोग के लिए इनके पास कोई कार्ययोजना नहीं है, इंद्रावती को लेकर आदिवासियों के सवाल पर भाजपा नेता मंत्रियों के मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने सरकार ने जो प्रोजेक्ट पास किया था उस प्रोजेक्ट को तत्काल चालू किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को पानी की दिक्कत न हो। सरकार ने अभी तक कुछ काम नहीं किया। आने वाले समय में इंद्रावती नदी को बचाना है इसलिये लंबी लड़ाई लड़नी होगी। बस्तर में दो ही प्रमुख मुद्दा है, पहला इंद्रावती नदी को बचाने का और दूसरा बैलाडीला के पहाड़ को बचाने है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार की पूरी नियत बस्तर के संसाधनों पर है। सरकार की दुर्भावना के चलते ही आज बस्तर संकट में है। यहां के जल, जंगल, जमीन, खनिज खतरे में है। इन सभी चीजो को बचाने के लिये हमे आगे आकर लड़ना होगा। बस्तर को बचाने के लिये हम कोई समझौता नहीं करना चाहते। आने वाले समय में खनिज संसाधन को बचाने के लिये एक बड़ी लड़ाई लड़ी जायेगी। सरकार अपने चहते उद्योगपतियो को जल, जगंल, जमीन बेचना चाहती है। बैलाडीला के पहाड़ को सरकार ने निजि हाथो में बेच दिया। 3 साल तक हम चैन से नहीं बैठेंगे और इस सरकार को उखाड़ कर फेकेंगे। हम 40 किलोमीटर की पदयात्रा करना है। धूप, बरसात आये, पसीना आये लेकिन हम हार मानने वाले नहीं है हम सरकार के खिलाफ भीषण गर्मी में भी लड़ाई लड़ते रहेंगे। इस पदयात्रा के तीसरे दिन इंद्रावती नदी के लिये 30 अप्रैल को बड़ा घेराव कार्यक्रम किया जायेगा। बस्तर के मुद्दे को लेकर कलेक्टर आफिस का घेराव करना है। हम सभी एकजुट होकर मजबूती से, पूरी ताकत से बस्तर के स्वाभिमान, आत्मसम्मान, स्मृद्धि और संस्कृति को बचाने की लड़ाई लड़ेगे।




















