बालोद-जिले का सबसे बड़ा धार्मिक स्थल माँ गंगा मैया मंदिर झलमला के लिए 500 फिट लंबी चुनरी यात्रा निकाली गई। चुनरी यात्रा की शुरुआत बुधवार को पंचमी के अवसर पर शाम 6 बजे राधा कृष्ण मंदिर से की गई जो रात 9 बजे मंदिर पहुचकर माता को चुनरी समर्पित किया गया। इस चुनरी यात्रा का पूरा झलमला में स्वागत किया गया। गंगा मैया चुनरी समिति झलमला के द्वारा इस चुनरी यात्रा का आयोजन किया गया था। गाजे-बाजों के साथ निकली इस चुनरी यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरूष शामिल हुए। इस दौरान देवी के भजनों में झूमते रहे और माता के जयकारे लगाते रहे। यात्रा में हनुमान की झांकी आकर्षक का केंद्र रहा। एक किमी लंबी इस यात्रा में गांव-गांव से लोग जुड़ते गए और मां गंगा मैय्या माता के दरबार में पहुंचकर उन्हें चुनरी समर्पित की गई।

मातारानी की भक्ति में डूबे भक्त
यह यात्रा बालोद जिले की ऐतिहासिक चुनरी यात्रा बन गई। इसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एक साथ नजर आए। आस्था और श्रद्धा के भाव में डूबे भक्तों का जनसैलाब मातारानी की भक्ति में सराबोर नजर आया। श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए चली जा रही थीं। इस चुनरी यात्रा में दूर-दराज के ग्रामीण कस्बों से आए श्रद्धालु शामिल रहे।