प्रदेश रूचि


Balod में परिवहन सुविधा केंद्र के नाम पर चल रहा अवैध वसूली का कारोबार…यातायात जागरुकता शिविर से आए आवेदन पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने 4 सौ से 18 से तक की हो रही अधिक वसूली

बालोद- जिले में लाइसेंस बनाने के नाम पर परिवहन सुविधा केंद्रों ने दुकानदारी खोल ली है। तय निर्धारित शुल्क से कई गुना पैसे अधिक लिए जा रहे है। परिवहन सुविधा केंद्र अवैध वसूली का अड्डा बन चुका हैं। लर्निंग लाइसेंस के नाम पर 400 रुपये और परमानेंट लाइसेंस के नाम पर 2500 रुपये शुल्क के नाम पर अधिक लिए जा रहे है। परिवहन विभाग से मिली जानकारी अनुसार लर्निंग लाइसेंस के लिए 355 रुपये और परमानेंट लाइसेंस के लिए 1050 रुपये का शुल्क हैं। जो ऑनलाइन कटता है। अगर परिवहन सुविधा केंद्र से करवाते है तो 50 रुपये अधिक देने होंगे, जो दस्तावेज और प्रिंट के नाम से लिया जाता हैं। यानी कि लर्निंग लाइसेंस का कुल 405 और परमानेंट लाइसेंस का कुल 1100 रुपये लिया जाना होता हैं। लेकिन परिवहन सुविधा केंद्रों में मनमानी की जा रही है।लर्निंग लाइसेंस के नाम पर 600 से 1400 रुपये और परमानेंट लाइसेंस के लिए 3000 से 4000 रुपये तक बतौर शुल्क के नाम पर डिमांड की जा रही है। इतना ही नही अगर कोई 40 उम्र के ऊपर है, तो उनसे मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर 250 रुपये और लिए जा रहे है। सीधे सीधे लोगों के जेब मे डाका डाला जा रहा है। लर्निंग लाइसेंस के लिए निर्धारित फीस से 250 से 500 रुपये तक और परमानेंट लाइसेंस के लिए निर्धारित फीस से 1800 से 2500 रुपये अधिक की मांग की जा रही है।

आप को बतादे जिले में 15 जनवरी से 15 फरवरी तक यातायात सड़क सुरक्षा माह बड़े ही जोरो से शोरो से मनाया गया। इस दौरान विभिन्न तरह के अभियान चलाकर यातायात जागरूकता लाने की कोशिश की गई। यातायात नियमों का पालन करने लोगों को समझाइश भी दी गई। इस दौरान लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए शिविर का भी आयोजन किया गया। 6 फरवरी को जिला मुख्यालय बालोद के जय स्तंभ चौक पर स्तिथ यातायात कार्यालय के पास परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा सयुंक्त रुप से लर्निंग लाइसेंस बनाने शिविर का आयोजन किया गया था। जिसमें करीबन 700 वाहन चालकों के लर्निंग लाइसेंस बनाने हेतु आवेंदन प्राप्त हुए थे।


जिसके पश्चात ये आवेंदन आरटीओ विभाग के माध्यम से जिला मुख्यालय के परिवहन सुविधा केंद्रों में लाइसेंस बनाने के लिए जमा किए गए। और हितग्राहियों को लगा कि अब उन्हें विभागीय चक्कर और अधिक राशि देने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी लेकिन यहां पर हितग्राहियों की सोच गलत निकली और आवेदन को शासकीय शिविर में जमा करने के कुछ दिनों बाद आवेदनकर्ताओं को केंद्रों से लाईसेंस के नाम पर फोन आने शुरू हो गए। और सम्बन्धित केंद्रों से निर्धारित तय शुल्क से 200 से 300 रुपये अधिक की वसूली वाहन चालकों से की गई। इतना ही नही मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर 250 रुपये और लिए गए।

मनमाने ढंग से वसूलते है पैसे-

ग्राम कलकसा निवासी तुलाराम यादव ने बताया कि उन्होंने पिछले माह यातायात विभाग के सामने लगे शिविर में लाइसेंस बनाने आवेंदन दिया था। जिसके बाद उनके पास नए बस स्टैंड बालोद के सामने स्तिथ परिवहन सुविधा केंद्र से फोन आया कि लाइसेंस बन गया है, शुल्क जमाकर ले जावे। शुल्क के नाम पर केंद्र में बैठे व्यक्ति द्वारा उनसे 600 रुपये लिए गए। और किसी भी प्रकार की रशीद नही दी गई। इसी तरह कलकसा निवासी प्रीतम सोरी से लाइसेंसके 600 और 250 रुपये मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर लिए गए। केंद्र में बैठे व्यक्ति द्वारा मेडिकल सर्टिफिकेट को ऑनलाइन खुद लोडिंग करने की बात कही गई। इसी तरह धामन यादव से 650 रुपये लिए गए। प्रीतम सोरी ने बताया कि पहले सुविधा केंद्र में बैठे व्यक्ति द्वारा शुल्क का 1400 रुपये मांगा गया, जब ये बात उन्होंने अपने परिचित को बताई, फिर परिचित ने केंद्र में बैठे व्यक्ति से फोन पर बात की जिसके बाद उनके द्वारा 550 रुपये कम लिए गए। बता दे कि परिवहन सुविधा केंद्रों में मनमाने तरीके से पैसों की डिमांड और वसूली की जा रही हैं। अगर कोई बिना जानकार कोई व्यक्ति इनके पास आ जाये, तो केंद्र में बैठे लोगों के द्वारा उनकी पूरी जेब ही काट ली जाती हैं।

क्या कहते है अधिकारी

मामले पर जिला परिवहन अधिकारी प्रकाश रावटे से चर्चा करने पर बताए कि परिवहन सुविधा केंद्रों में निर्धारित फीस लेने का है, ज्यादा अधिक फीस नही ले सकते। 6 फरवरी को शिविर में ही लाइसेंस बनाना था, लेकिन सर्वर बंद था, इसीलिए नही बन सका। तो हम लोग सभी आवेदनों को लेकर नजदीकी परिवहन सुविधा केंद्रों में दे दिए। और इसकी जानकारी आवेंदनकर्ताओ को दे दी गई थी। लर्निंग लाइसेंस का ऑनलाइन 355 कटता है, और परमानेंट लाइसेंस का 1050 कटता है। परिवहन सुविधा केंद्रों में 50 से 60 रुपये दस्तावेज और प्रिंट का अतिरिक्त लेते हैं। इससे ज्यादा नही ले सकते, अगर ज्यादा लिया जा रहा है, तो कार्यवाही की जाएगी। मेडीकल सर्टिफिकेट भी लिया जाता है, जिसे आवेंदनकर्ता द्वारा दिया जाता है, सुविधा केंद्र द्वारा अगर सर्टिफिकेट के नाम पर पैसे लिए जा रहे है, तो गलत है, कार्यवाही की जाएगी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!