बालोद-निषाद समाज के वंशज, भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त गुहा निषाद जयंती हर्षोल्लास एवं धूमधाम के साथ मनाई गई। निषाद समाज द्वारा निषाद जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया।तहसील निषाद समाज बालोद के तत्वावधान में मंगलवार को सुबह 10 बजे कलश यात्रा, ध्वजारोहण, राम चरित्र मानस गान व संस्कृत कार्यक्रम एवं युवक-युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शोभायात्रा रामघाट तांदुला से केवट घाट होते हुए मन्दिर पहुंची।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुण्डरदेही विधायक कुँवर सिह निषाद ,अध्यक्षता पूर्व विधायक भैय्याराम सिन्हा, व विशेष अतिथि जिला निषाद समाज के अध्यक्ष राजेंद्र निषाद, जिला पंचायत सदस्य कृतिका साहू ,ग्राम पंचायत सिवनी के सरपँच दानेश्वर सिन्हा, ग्राम पंचायत हीरापुर के सरपँच कुलेश्वरी ठाकुर,ग्राम पंचायत पडकीभाट के सरपँच ईश्वर निषाद द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीराम, माता जानकारी, लक्ष्मण भैय्या एवं भक्त गुहा निषाद राज का पूजा अर्चना कर किया गया तत्पश्चात् निषाद समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
निषाद राज द्वारा तांदुला नदी में नाव में राम सीता व लक्ष्मण को बिठाकर गंगा पार कराया
इसमें श्रीरामचन्द्र माता जानकारी एवं लक्ष्मण भैय्या को गुहा निषाद द्वारा तांदुला नदी में नाव से गंगा पार कराते चलित झांकी के रूप में दिखाया गया जो मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाज के महिला पुरूष एवं बच्चे शामिल हुए। शोभायात्रा रामघाट तांदुला से केवट घाट होते हुए कार्यक्रम स्थल में पहुंच कर सभा के रूप में परिणित हुआ।
सिर पर कलश लेकर बालिकाओं ने रामघाट का किया भृमण
रामघाट से केवट घाट तक बालिकाओं ने सिर पर कलश लेकर भ्रमण किया। झांकी देखने बड़ी संख्या में लोगो की भीड़ लगी रही। जहां भक्त हाथ में भगवा ध्वज लिए जय-जय श्रीराम के जयकारे लगाते हुए रामघाट का भ्रमण किया। इस अवसर पर समाज सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
श्रीराम के पद चिन्हों पर चलने वाला सहज और सरल समाज है निषाद समाज
भक्त गुहा मंदिर प्रांगण में रामायण का आयोजन किया गया। जिसमे श्रीरामचरित मानस परिवार की मंडली ने भगवान श्रीराम की गाथा का बखान किया। कथा के दौरान बताया कि निषाद समाज भगवान श्री राम के पद चिन्हों पर चलने वाला सहज और सरल समाज है। भक्त गुहा निषाद राज निषाद समाज का आदर्श और गौरव है, जिन्होंने भगवान श्री राम की वनवास के दौरान नदी पार कराकर मदद की है। निषाद समाज के ऊपर भगवान श्रीराम का आशीर्वाद है जो समाज को सदैव मिलता रहेगा। समय के साथ निशाद समाज विकास की मुख्यधारा से जुड़कर आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज की महिलाए ,पुरुष व बच्चे शामिल रहे।




















