बालोद – बालोद जिले के पुलिस अधीक्षक एक ओर जहां लगातार बैठक कर पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को अपराध पर अंकुश लगाने और आम लोगो से पुलिस की व्यवहार को सकारात्मक रखने के निर्देश दे रहे है दूसरी तरफ जिले के कुछ थाना क्षेत्रों से पुलिस कर्मियों द्वारा अवैध वसूली और आम लोगो को डराने धमकाने के मामले भी सामने आ रही है पिछले कुछ माह पूर्व ही जिस थाने के स्टाफ और अधिकारी के खिलाफ देवरी में धरना प्रदर्शन हुआ था उसी थाना के आरक्षक पर फिर एक बार अवैध वसूली का आरोप के साथ बालोद एसपी कार्यालय में एक ग्रामीण ने लिखित शिकायत कर दी है।
मामले में अर्जूंदा ब्लाक के माहुद (अ) गांव के एक ग्रामीण ने बालोद एसपी आफिस में लिखित शिकायत की है पीड़ित ने अपने शिकायत में लिखा है कि दिनांक 11 /10/2023 को ग्राम गोडमर्रा के कृषक संजय कुमार साहू के द्वारा अपने धान को भीमकंहार विक्रय हेतु ले जाने कहा जिस पर मेरे द्वारा (शिकायतकर्ता ) अपने माल़ वाहक वाहन टाटा 407 क्रमांक CG 24 R 2463 से गोडमर्रा से धान भीमकंहार ले जा रहा था गाड़ी को चालक महेश साहू चला रहा था तथा मैं बगल सीट पर बैठा था इस दौरान सुबह करीब 11 बजे मुड़िया एवं भीमकंहार गांव के बीच पुलिस वाहन खड़ी थी इस दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा मेरी को रोकवाया और पुछताछ किया जिस पर मेरे द्वारा बताया गया कि गोडमर्रा के किसान का धान है जिसे मैं भीमकन्हार गौतम सेठ के यहां ले जा रहा हूं जिसके बाद एक पुलिस कर्मी जो कि सिविल ड्रेस में था जिसके द्वारा मुझे बोला गया कि इसका बिल्टी है क्या जिस पर मैंने बताया कि सर ये किसान का धान इसमें बिल्टी कहां से लाऊं उसके बाद एक आरक्षक ने कहा कि आचार संहिता लगा है बिल्टी लाना पड़ेगा नही तो गाड़ी जब्ती बन जायेगा और थाने में ही सड़ जायेगा तुम लोग कुछ नही कर पाओगे गाड़ी छुड़ाने के चक्कर में तुम लोग भी सड़ जाओगे। जिसके बाद हम लोग लगातार आग्रह किए कि सर ये किसानी का धान है कृपया छोड़ दीजिए ।जिसके बाद आरक्षक ने कहा कि डेढ़ लाख रुपए दोगे तो कोई मामला नहीं बनाऊंगा लेकिन हमारे द्वारा कहा गया की सर पूरा धान भी बेच दूंगा तो भी इतना पैसा नही आयेगा ।और हम लोग लगातार निवेदन लिए तो गाड़ी को थाने ले जाने की धमकी देने लगा जिसपर हमारे द्वारा मामला सुलझाने के लिए बोले तो आरक्षक ने कहा कितना दे दोगे जिसपर मैने कहा सर 5 -10 हजार रुपए कर दूंगा जिसके बाद बोले की इतने में नही होगा गाड़ी थाने ले जाओ कहते हुए अश्लील मां बहन की गाली गलौच करने लगा जिससे हम लोग घबरा गए और बोले सर ये धान को बेचने दो और जो पैसा मिलेगा उसे आप रख लेना और गाड़ी छोड़ देना जिसके बाद आरक्षक ने कहा ठीक है 40 हजार रुपए दे देना कहकर गाड़ी को छोड़ा और आरक्षक ने अपना मोबाइल नंबर 93******”623 को मुझे दिया और बोले कि काम होने के बाद सिर्फ इसी नंबर पर कॉल करना किसी को पता नही चलना चाहिए। जिसके बाद हम लोग धान बेचने के बाद करीब 2 घंटे बाद आरक्षक द्वारा दिया गया मोबाइल नंबर में कॉल किए तो उनका नाम टू कॉलर में विकास सिंह नाम से अंकित हुआ और आसपास में पूछने पर उक्त आरक्षक का नाम विकास ही बताए। जिसके बाद हम लोग मुलाकात कर विकास सिंह नामक आरक्षक को 40 हजार रुपए दिए जिस पर आरक्षक ने पुनः धमकी देते हुए बोला मामला यही दफन कर देना नही तो कफन की जरूरत पड़ सकती है और ट्रांसपोर्टिंग का काम कर रहे हो तो बीच बीच में मुलाकात करते रहना आरक्षक के द्वारा दिए इस धमकी से हम लोग बुरी तरह घबरा गए और मेरे चालक भी अब गाड़ी नहीं चलाऊंगा कहकर काम छोड़ने की जिद करने लगा है ।
वही पीड़ित ने बताया कि आरक्षक विकाश सिंह के दबंगई से हम लोग आशंकित है जिसके चलते इसका सीधा असर अब हमारे जीवन पर दिखने लगा है । इसी दहशत में मेरे चालक का भी दुर्घटना हो गया और आगे भी हम अपने कारोबार को सुरक्षित तरीके से संचालित कर सके इस आशा के साथ आवेदन प्रस्तुत है उक्त मामले में उचित कार्यवाही करते हुए हमे न्याय प्रदान करने की कृपा करेंगे
बहरहाल इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने एसपी ऑफिस में अपनी शिकायत कर दी है वही इस पूरे मामले में पुलिस द्वारा विभागीय जांच की जा सकती है ।