Skip to main content

प्रदेश रूचि

सड़को पर बैठे गोवंशों को हटाने प्रशासन ने चलाई मुहिम..लेकिन इसका कितना हुआ असर और सड़कों में गोवंश के लिए कौन कौन जिम्मेदार ..रियलिटी चेक के साथ पढ़े पूरी खबर

 

बालोद- जिला मुख्यालय में लंबे समय से बेसहारा मवेशियों की समस्या से लोगों को निजात नहीं मिल रहा है।सड़को पर बैठे गोवंशों की दुर्घटना से मौत के बाद बुधवार को बालोद जिलामुख्यालय में गोरक्षकों ने प्रशासन की नाकामी को लेकर चक्काजाम कर दिया था ।वही शासन के द्वारा गोवंशों को सड़कों से हटाने सोमवार को खुद मुख्यसचिव प्रदेश भर के अधिकारियों का बैठक कर उच्चन्यायालय के आदेश का पालन करते हुए सड़को से गोवंशों को हटाने का निर्देश भी दिए थे इन तमाम मामले को लेकर गुरुवार को प्रदेशरूचि ने भी प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।जिसके बाद प्रशासनिक बैठकों के बाद सड़को पर बैठे गोवंशों को हटाया तो गया लेकिन महज एक घंटे के बाद शहर के सड़को पर हालात जस की तस थी।

आपको बतादे गोवंशों से आम लोगों की समस्या के बीच शहर में मचे बवाल को लेकर प्रदेशरूचि की खबर प्रकाशन के बाद बालोद कलेक्टर ने तमाम अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में घुमंतु पशुओ से आम लोगो को हो रही परेशानी को दूर करते प्रभावी एवं पुख्ता कदम उठाने के भी निर्देश दिए है। जिसके।बाद गुरुवार देर शाम कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर नगर पालिका परिषद बालोद द्वारा नगर की सड़कों पर विचरण कर रहे घुमंतू पशुओं के कारण उत्पन्न समस्या के रोकथाम का उपाय किया गया। तथा मुनादी के माध्यम से आगे पशु मालिकों द्वारा अपने अहाते में पशुओं को न रखने पर कड़ी कार्रवाई तथा सड़कों में घूमने वाले पशुओं को गौठान ले जाने की कार्रवाई किये जाने की सूचना प्रसारित की गई है।

इस अभियान मे नगर पालिका परिषद बालोद अंतर्गत अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई शुरू की गई जिसमे।नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष विकास चोपड़ा, एसडीएम शीतल बंसल, मुख्य नगर पालिका अधिकारी बालोद सुनील अग्रहरि सहित नगर पालिका बालोद, पशुपालन विभाग, यातायात विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, समाजसेवी युवाओं द्वारा नगर के मुख्य मार्गों में घूम रहे पशुओं को एकत्रित करते हुए गौठान ले जाया गया। गौठान में पशुओं के रखरखाव हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

कार्यवाही के एक घण्टे के बाद हालात पहले जैसे

निश्चित तौर पर जिला मुख्यालय में प्रशासन और जनसहयोग से सड़कों पर बैठे गोवंशों को हटाने को लेकर काफी मशक्कत किया गया नगरपालिका के कर्मचारियों की टीम को गोवंशों के पीछे काफी दूर तक भागते भी देखा गया लेकिन इस मुहिम में जितने गोवंसो को पकड़ा गया वो नाकाफी था

  कार्यवाही के 1 घंटे बाद एलआईसी ऑफ़िस के पास के हालात

 

क्योंकि प्रशासन की टीम करीब 2 घण्टे तक सड़को पर बैठे गोवंशों को हटाने को लेकर मसक्कत किये लेकिन इस मुहिम के महज एक घंटे बाद जब हमारी टीम बालोद बस स्टैंड से लेकर रेलवे फाटक तक इस मुहिम का।रियलिटी चेक किया तो बस स्टैंड,घड़ी चौक जयस्तंभ चौक, नपाध्यक्ष निवास के पास ,मधु चौक, रेलवे फाटक के पहले एलआईसी आफिस के आसपास करीब 3 जगहों पर गोवंशों की झुंड सड़को पर बैठे नजर आए जिससे यह साफ हो गया कि आज चलाये गए मुहिम नाकाफी था बहरहाल देखना होगा प्रशासन की मुहिम आगे कब तक चलती है और सड़क पर बैठे गोवंशों की समस्या से आम लोगो को कब तक निजात मिल पाती है।

         कार्यवाही के 1 घंटे बाद घड़ी चौक के हालात

 

पशुपालको को भी जागने की है जरूरत

आपको बतादे सड़क पर बैठे गोवंशों को हटाने की जिम्मेदारी बेशक प्रशासन की है लेकिन सड़को पर बैठे इस गोवंशों का सबसे बड़ा कारण गौपालकों की स्वार्थ और लापरवाही से भी इंकार नही किया जा सकता

    कार्यवाही के 1 घंटे बाद नपाध्यक्ष निवास के पास की तस्वीर

लेकिन जिले के आसपास के इलाकों में गौपालकों की बड़ी लापरवाही भी साफ तौर पर देखा जा सकता है लोग गौ पालन महज अपने स्वार्थ के लिए भी करते नजर आते है जब तक गोवंशों से दुग्ध दोहन होता है तब तक ही गोवंश को अपने घरों पर रखते है लेकिन जो गोवंश दुग्ध नही देता उसे गौपालक लावारिस की तरह सड़को पर छोड़ देते है । ऐसे मामलों में ऐसे लापरवाह गौपालकों पर भी कार्यवाही सुनिश्चित होनी चाहिए ताकि ऐसे लोगो की लापरवाही के शिकार से आम लोग और बेजुबान गोवंशों को बचाया जा सके।

सड़को पर गोवंशों को लेकर प्रदेशरूचि की प्रकशित खबर

बालोद में न रोका छेका अभियान न ही शासन और उच्चन्यायालय के आदेश का हो रहा पालन..सड़को पर बैठे मवेशीयो को लेकर गभीर नही है जिम्मेदार

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!