बालोद जिले में लगातार अवैध प्लाटिंग का काम फिर से जोर पकड़ने लगा है तो वही इस बीच लोगों को गुमराह करने सरकारी नहर में अवैध पुलिया निर्माण कर सड़क बनाने वालों के खिलाफ़ शहर युवा कांग्रेस ने एफआईआर दर्ज कराने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता को ज्ञापन सौंपा है। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 20 पाररास मुक्तिधाम के समीप कृषि भूमि में किए जा रहे अवैध प्लाटिंग को लेकर भी अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है। कांग्रेसियो का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जल स्त्रोतों का संरक्षण, नदी, नालो, का पुर्नउधार से भूजल स्तर में सुधार लाने नरवा,गरुवा,घुरुवा,बाड़ी योजना चला रहे और यहां अधिकारियों के नाक के नीचे नहर में खुलेआम पुलिया का निर्माण हो गया। युंकाइयो ने चेतावनी दी कि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र प्रदर्शन करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान विधानसभा अध्यक्ष संदीप साहू, शहर अध्यक्ष साजन पटेल, दानेश्वर साहू, दीपक देवांगन, आदित्य दुबे, फरहान खान, कानू पाल, गब्बर सोनी सहित अन्य युवक कांग्रेसी मौजूद रहे।
मामला दर्ज कराने पर अड़ा युवा कांग्रेस–
ज्ञात हो कि पिछले दिनों बालोद नगर पालिका क्षेत्र में निर्माणाधीन महिला कालेज के सामने गोंदली नहर किनारे काटी जा रही कॉलोनी में कॉलोनाइजर द्वारा नियमों का मखौल उड़ाते हुए प्लॉटों के दाम बढ़ाने के लिए सिंचाई के लिए बनाई गई नहर पर ही पुलिया बना दी। उसे आम रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। इस मामले में लगातार खबरों के बाद जल संसाधन विभाग ने कालोनाइजर को नोटिस भी जारी किया गया। लगातार खबरों और युवा कांग्रेस के विरोध को देखते नहर पर बनी पुलिया को हटा तो दिया गया, लेकिन युवा कांग्रेस नहर में अवैध निर्माण करने वालो के खिलाफ मामला दर्ज कराने पर अड़ गया है।
आईपीसी धारा 430 के तहत दर्ज हो मामला–
युवा कांग्रेसी नहर में अवैध पुलिया निर्माण कराने वालों के खिलाफ सिंचन संकर्म को क्षति करने या जल को दोषपूर्वक मोड़ने आईपीसी धारा 430 के तहत मामला दर्ज कराने की मांग कर रहे है। बता दे कि भारतीय दंड संहिता के उक्त धारा के तहत जो कोई किसी ऐसे कार्य के करने द्वारा रिष्टि करेगा, जिससे कृषिक प्रयोजनों के लिए, या मानव प्राणियों के या उन जीवजन्तुओं के, जो सम्पत्ति है, खाने या पीने के, या सफाई के या किसी विनिर्माण को चलाने के जलप्रदाय में कमी कारित होती हो या कमी कारित होना वह सम्भाव्य जानता हो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाता है।
बिना परमिशन बनाई गई पुलिया, दस्तावेजों की हो जांच–
मामले में युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष साजन पटेल ने बताया कि कॉलोनाइजर ने नहर पर बिना अनुमति पुलिया बना दी। कालोनाइजरों ने रातोंरात नहर पर पुलिया बनवा ली और इस पर भारी वाहनों के जरिये रॉ-मटेरियल कॉलोनी तक पहुंचाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि कॉलोनाइजर के द्वारा कृषि भूमि के बड़े रकबे पर राजस्व विभाग की बगैर अनुमति अवैध रूप से प्लाटिंग का काम किया जा रहा है। कालोनी के दस्तावोजों की जांच कर नियमानुसार कालोनाइजर पर कार्रवाई होनी चाहिए।
कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे उग्र प्रदर्शन–
मामले में विधानसभा अध्यक्ष संदीप साहू ने कहा कि पाररास मुक्तिधाम के समीप अवैध रुप से प्लाटिंग की जा रही है। 70 प्रतिशत प्लाटों की बिक्री होने तक सम्बंधित विभाग का कोई अधिकारी कर्मचारी वहां नहीं पहुंचता। मगर जैसे ही मकान बनने शुरू होते है, वहां कर्मचारी पहुंचकर नियमों का हवाला देकर निर्माणकर्ताओं का शोषण करते हुए अवैध उगाही करते है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ऐसी अवैध कॉलानियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वह उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होगें।