भाजपाई जनसंपर्क में जाएंगे तो जनता रोजमर्रा के सामानों की सूची भी भाजपा को देने तैयार बैठी है। कैसे 60 का पेट्रोल 100 के पार हो गया? कैसे राशन, खाद्य तेल, दवाई, रसोई गैस के दाम बेतहाशा बढ़ गये? भाजपा के नेता अपने जन संपर्क अभियान में जनता को बताये इन रोजमर्रा की सामाग्रियों के दामों में मोदी राज में दुगुनी बढ़ोत्तरी क्यों हो गयी?
*2013 में कांग्रेस की मनमोहन सरकार के समय राशन सामग्री और पेट्रोल-डीजल के दाम और वर्तमान मोदी सरकार के समय आवश्यक वस्तुओं की कीमतें, भाजपा इस बेतहाशा महंगाई का भी जवाब जनसंपर्क अभियान में जनता को दें*
2013 2023
आटा (10 किलो) 210 रुपये 440 रुपये
चावल 30-36 रु. किलो 50-65 रु. किलो
फुल क्रीम दूध 39 रुपये 66 रुपये
देसी घी 300 रुपये 875 रुपये
सरसों तेल 52 रुपये 260 रुपये
अरहर दाल 70-80 रुपये 160-170 रुपये
रसोई गैस 410 रुपये 1177 रुपये
पेट्रोल 66 रुपये 97 रुपये
डीजल 52 रुपये 92 रुपये
रिफाइंड तेल 68 रुपये 148 रुपये
फल्लीदाना 60 रुपये 135 रुपये
उड़द दाल 64 रुपये 120 रुपये
मूंग दाल 62 रुपये 130 रुपये
मसूर दाल 47 रुपये 90 रुपये
चना दाल 40 रुपये 66 रुपये
जीरा 220 रुपये 450 रुपये
गेहूं 22 रुपये 32-36 रुपये
विभिन्न साबुनों मे 22 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुआ
दवाई में 32 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गया
भाजपा बतायें वस्तुओं के दाम दुगुने कैसे हो गये?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा दावा कर रही कि वह अपने जन संपर्क अभियान में भूपेश सरकार के वायदों के बारे में भी जनता को बतायेगी। भाजपा में साहस है तो कांग्रेस के वायदों के बारे में जनता में चर्चा करें, जनता उन्हें माकूल जवाब दे देगी।
कांग्रेस ने अपने जन घोषणा पत्र के 90 प्रतिशत वायदों को पूरा किया तथा ऐसी योजनायें बनाई और उनका क्रियान्वयन किया जिसमें जनता के जीवन स्तर में आमूल चूल परिवर्तन आया। भाजपाई जब जनता के बीच कांग्रेस के वायदों की चर्चा करेंगे तो उसके पहले अपने गिरेबान में जरूर झांकेंगे उनका खुद का कर्ज कितने का माफ हुआ, उनके धान का मूल्य 2500 मिला, राजीव गांधी किसान न्याय योजना की इन्पुट राशि उन्हें भी मिली है, 400 यूनिट तक के बिजली बिल उनका भी आधा ही आता है तो उन्हें जनता से भी पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी।