एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जब शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या एक बिंदु तक कम हो जाती है. और सही समय पर ब्लड नहीं मिलने के कारण यह समस्याएं जानलेवा होती जा रही है , अगर गांव गांव में शिविर लगाकर ब्लड ग्रुप का जांच किया जाए और उनकी जानकारी गांव की स्वास्थ्य विभाग और ग्राम पंचायत को एक सूची तैयार करवा कर रखा जाए। जिनसे गांव के लोग ब्लड की समस्या होने से गांव की स्वास्थ्य विभाग और गांव की ग्राम पंचायत से आसानी से संपर्क कर सके। जिनको ब्लड की जरूरत हो उनको गांव के व्यक्ति द्वारा संपर्क कर उससे मदद मांग सकते हैं । यह तब संभव होगा जब हर एक व्यक्ति को पता रहेगा कि उनका ब्लड ग्रुप कौन सा है और किस को दे सकते हैं और साथ में उनको यह भी बताना जरूरी है कि ब्लड देने से उनके शरीर पर किसी भी प्रकार की हानिया नहीं होती है क्यों की एनीमिया होने के कई कारण हो सकतें हैं जैसे शरीर में आयरन ,विटामिन बी12, फोलेट की कमी, इसके अलावा DNA में गड़बड़ी और बोन मैरो द्वारा नए रेड ब्लड सेल्स न बन पाना भी इसकी वजह है । लोगों को अपने ब्लड ग्रुप की जानकारी होना बहुत ज़रूरी हैं
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ब्लड ग्रुप जानना क्यों आवश्यक है नीलिमा श्याम-
रक्त के प्रकार कुछ एंटीजन की उपस्थिति या अनुपस्थिति से निर्धारित होते हैं – पदार्थ जो शरीर के लिए विदेशी होने पर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को ट्रिगर कर सकते हैं। चूंकि कुछ एंटीजन ट्रांसफ्यूज किए गए रक्त पर हमला करने के लिए रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली को ट्रिगर कर सकते हैं, इसलिए सुरक्षित ब्लड ट्रांसफ्यूजन सावधानीपूर्वक रक्त टाइपिंग और क्रॉस-मैचिंग पर निर्भर करता है।
जिलाधिकारी ने जल्द से जल्द शिविर के लिए संज्ञान में का अनुशासन दिया है और खासकर महिलाओं के लिए यह शिविर लगाया जाएगा का अनुशासन दीए हैं
मौजूद सदस्य
नीलिमा श्याम ( वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता), डिंपल उइके ( राज्य स्तरीय कबड्डी खिलाड़ी), दीप्ति साहू ( नेशनल कराटे खिलाड़ी), चांचल साहू, वंदना दर्रो, भुनेश्वरी मंडावी , पावनी नरेटी एवं समस्त लोग उपस्थित थे