वही फिल्म शुरू होने से पहले पुलिस प्रशासन के द्वारा सभी को अभिव्यक्ति ऐप के बारे में भी जानकारी दी गई। इसका कैसे इस्तेमाल करना है? पुलिस इस ऐप के जरिए आपका लोकेशन ट्रेस करके कैसे आपकी मदद कर सकती है? यह सब उन्हें बताया गया। मौके पर ही सभी के मोबाइल में ऐप डाउनलोड करा कर इसके इस्तेमाल के बारे में शार्ट प्रशिक्षण भी दिया गया। वहीं फिल्म से सबक लेने की नसीहत भी दी गई।
3 से 6 बजे का शो किये बुक
महिलाएं और युवतियां अपने-अपने संसाधनों से पाची सिनेमा पहुंच गईं। पदाधिकारियों ने बारी-बारी से उन्हें प्रवेश दिलाया। पदाधिकारियों ने बताया कि द केरला स्टोरी फिल्म का शो देखा। इस फिल्म में दिखाया गया है कि किस प्रकार धर्मांतरण और लव जिहाद जैसे घिनौने कृत किए जाते हैं। पदाधिकारियों ने महिलाओं और युवतियों को यह फिल्म इसलिए दिखाई है, ताकि समाज में जागृति पैदा हो ।
फ़िल्म टैक्स फ्री हो
हिन्दू संगठनों का कहना है कि द केरल स्टोरी फ़िल्म यह जनता से जुड़ा हुआ एक सामाजिक मुद्दा है। जिस प्रकार से केरल को इस्लामिक स्टेट बनाने का प्रयास करके वहां पर हिंदू लड़कियों का धर्मांतरण कराया गया। लव जिहाद के माध्यम से वहां पर एक इंटरनेशनल साजिश के तहत उसे अमलीजामा पहनाया गया है। छत्तीसगढ़ में भी लव जिहाद के मामले सामने आ रहे हैं इसलिए अब छत्तीसगढ़ सरकार से मांग करते हैं कि इस फिल्म को टैक्स फ्री किया जाए। जिससे इस फिल्म को देखकर लोग समझ सके कि किस प्रकार से उनके साथ एक साजिश की जा रही है और उन्हें अपने जाल में फंसाया गया है।