
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि यहां की जनता ने 9 लोकसभा सांसद भाजपा से चुनकर भेजे हैं, जो छत्तीसगढ़ की उपेक्षा पर लगातार मौन है। भाजपा नेता बताएं कि आखिर छत्तीसगढ़िया जनता से किस बात का बदला ले रही है मोदी सरकार? केंद की मोदी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के हितग्राहियों की उपेक्षा और भेदभाव पूर्ण व्यवहार के लिए माफी मांगने के बजाय छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता प्रदर्शन कर रहे हैं। विगत 4 वर्षों में स्वीकृत कुल आवास की संख्या ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 409968 है लेकिन भारतीय जनता पार्टी के अलग-अलग नेता अलग-अलग समय में अलग-अलग तथ्यहीन आंकड़े जारी कर बेबुनियाद आरोप लगाते हैं। कोई भाजपाई 6 लाख, कोई 9 लाख़, कोई 12 लाख़ तो कोई 16 लाख के आंकड़े बता रहे हैं। असलियत यह है कि हजारों करोड़ रूपया छत्तीसगढ़ के हक और अधिकार की राशि रोके जाने के बावजूद राज्यांश का बहाना बनाकर स्वीकृत आवास की राशि भी वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले ही वापस ले ली गई। यह भी सर्वविदित है कि वर्ष 2019-20 मे राज्यांश के लिए 762 करोड़ की राशि पंजाब नेशनल बैंक ने ऋण के रूप में मंजूरी दी थी लेकिन मोदी सरकार के इशारे पर आरबीआई ने आपत्ति कर रुकवाई। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2021-22 में केन्द्र सरकार द्वारा 781999 हितग्राहियों को आवास आबंटित करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे भी मोदी सरकार ने वापस ले लिया है। केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का रवैया छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़िया हितों के खिलाफ है। अपनी नाकामी पर पर्दा डालने भारतीय जनता पार्टी के नेता पीएम आवास को लेकर प्रदर्शन की नौटंकी कर रहे।




















