बालोद- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने अक्टूबर माह में ही प्रदेश के सभी सड़को का रिपेयर करने का आदेश देते हूए दिसंबर माह तक पूरे प्रदेश के सभी सड़को का मरम्मत हर हाल में किये जाने के निर्देश जारी किए थे वही सीएम के इस आदेश को अमल में लाते हुए सड़को के रिपेयर के लिए सभी जिलों में राशि भी जारी हुए तो वही बालोद जिले के लोकनिर्माण विभाग ने भी जिले के अलग अलग सड़को के पेच रिपेयर के लिए अलग अलग लाखो रुपये का टेंडर भी निकाले और और पेच रिपेयर कार्य किया गया लेकिन सड़को का रिपेयर हुए अभी 2 माह भी पूरा नही हुआ फिर से शहर की सड़कें उखड़ने लगे है
आपको बतादे बालोद जिला मुख्यालय से राजनांदगांव की ओर जाने वाली मुख्य मार्ग में मधु चौक से रेलवे फाटक के बीच सड़कों पर किया गया पेच रिपेयर कार्य दो माह में दो बार उखड़ चुका है इससे पहले भी दिसंबर माह में ही सड़क पर हुए गड्ढों को पाटने के लिए कुछ जगहों में डामरीकरण युक्त गड्ढों का मरम्मत किया गया था लेकिन और रिपेयर के महज 20 दिनों के भीतर सड़क से डामर उखड़ने लगे थे जिसके बाद विभाग ने तत्काल इसका पुनः मरम्मत किया था लेकिन इस मरम्मत को अभी 2 माह भी पूरा नही हुआ है और जहां जहां सड़को की मरम्मत हुई थी फिर से उखड़ने लगी है ।

आपको बतादे किसी भी डामरीकरण कार्य के वक्त सड़क पर डामर व हॉटमिक्स मटेरियल को डालने से पहले उनका तापमान का जांच किया जाना आवश्यक होता है लेकिन बालोद लोकनिर्माण विभाग द्वारा पूरे पेच रिपेयर कार्य मे डामर की परत को बिछाते समय न ही साइड पर कोई क्वालिटी कंट्रोलर होता है और न ही इसकी गुणवत्ता जांच करने के लिए कोई अधिकारी नियुक्त किया जाता है जिसके चलते ठेकेदार अपनी मनमानी करते हुए कम तापमान वाले मटेरियल को बिछाकर सीधे इंजीनियर से मिलकर अपनी बिलिंग करवा लेते है और कुछ माह में सड़के जस की तस हो जाती है

50 किमी से भी ज्यादा दूरी से लाया जाता है हॉटमिक्स डामर मटेरियल
आपको बतादे बालोद जिले में भले ही अलग अलग जगहों पर बीटी पेच रिपेयर कार्य जारी है लेकिन जिस साइड पर कार्य होता है वहाँ 50 किमी से ज्यादा दुसरीं डामर और गिट्टी मिक्स मटेरियल लाया जाता है जिसके चलते लंबी दूरी के तक परिवहन के बाद इस सामग्रियों का तापमान काफी कम हो जाता है और इसी के कारण डामर की पकड़ कमजोर हो जाती है जिसके चलते निर्माण के कुछ दिनों बाद जब सड़क पर भारी वाहन गुजरते है तो सड़क उखड़ने लगती है।
पूरे मामले पर लोनिवि के एसडीओ रितु खरे से चर्चा पर बताये कि सड़क के नीचे का बेस खराब है, अभी नया सेंक्शन आया है तो उसमें बेस से काम होगा, 2-3 जगह बेस खराब है, अभी डामर ऊपर से लेयरिंग किये थे, ट्रैफिक के लिए ठीक हो जाये बोलके, तो ये भी उखड़ना शुरू हो गया है, अभी नया टेंडर लगा है 12 करोड़ का। फिर उस काम से सड़क और मजबूत होगा तो प्रॉब्लम शॉट आउट हो जाएगा।




















