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*बड़ी खबर:- बालोद सीएमएचओ कार्यालय में करोड़ो के हेराफेरी के शिकायत के मामले में प्रभारी लिपिक सुरेंद्र सोनकर निलंबित, लेकिन सीएमएचओ को कार्यवाही की जानकारी नही..क्या है पूरा मामला*

बालोद जिले का स्वास्थ्य विभाग में चाहे टेंडर गड़बड़ी का मामला हो या आर्थिक अनियमितता ऐसे मामलों को लेकर अक्सर विवादों में रहा है अब तक ऐसे मामलों में जहां स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों पर आरोप लगते रहे है वही इस बार मामला सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ लेखापाल प्रभारी लिपिक सुरेंद्र सोनकर का है जिनके ऊपर करोड़ो रूपये के हेराफेरी व आर्थिक अनियमितता का आरोप लगा है और मामले में स्वास्थ्य विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय से लेखापाल प्रभारी लिपिक सुरेंद्र सोनकर को निलंबित किया गया है लेकिन आश्चर्य की बात यह है इस कार्यवाही की जानकारी खुद सीएमएचओ को नही मालूम लेकिन लेखापाल प्रभारी लिपिक सुरेंद्र सोनकर का निलंबन पत्र लगातार सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस मामले में सीएमएचओ ने प्रदेशरूचि संपादक से चर्चा के दौरान बताया कि मामले पर शिकायत मिली थी जिसकी जांच कर संभागीय कार्यालय को प्रतिवेदन भेज दिया गया था लेकिन कार्यवाही के संबंध में उनके पास कोई लिखित जानकारी नही आया है।

 

 

क्या है मामला

आपको बतादे बालोद जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बालोद, छ.ग. के पत्र कमांक / स्था / अवि. / 2022 / 9225 दिनांक 23.12.2022 द्वारा दी गई जानकारी अनुसार कलेक्टर जनचौपाल दिनांक 29.11.2022 में आवेदक पुनेश्वर कुमार वार्ड क. 10. डौण्डीलोहारा द्वारा कार्यालय मुख्य चिकि. एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बालोद नियमित लेखा शाखा में शासकीय राशि करोड़ो रूपयों की हेराफेरी एवं वित्तीय अनियमितता की जाँच कर कार्यवाही करने बाबत शिकायत प्राप्त हुआ।

इस शिकायत में दर्ज बिन्दुओ की जाँच हेतु संबंधित लेखापाल प्रभारी लिपिक सुरेन्द्र कुमार सोनकर, सहायक ग्रेड-2 को कारण बताओ नोटिस जारी का उत्तर प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बालोद के मतानुसार इनका उत्तर समाधान कारक नही पाया गया गया। ऐसी स्थिति में सुरेन्द्र कुमार सोनकर, सहायक ग्रेड-2 को प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता के लिए उत्तरदायी मानते हुए इनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु अनुशंसा किया है।

सुरेन्द्र कुमार सोनकर, सहायक ग्रेड-02 कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बालोद द्वारा किये गये उक्त कृत्य सिविल सेवा आचरण नियम 1965 नियम 03 का घोर उल्लंघन के साथ ही वित्त संहिता में निहित प्रावधानो का भी उल्लंघन पाया गया जिस पर लेखापाल प्रभारी लिपिक सुरेंद्र सोनकर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय दुर्ग नियत किया गया आदेश पत्र के मुताबिक निलंबन अवधि के दौरान इस हेराफेरी में शामिल कर्मचारी को शासन के नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। वही पूरे मामले में देखना होगा इस निलंबन कार्यवाही के बाद आगे रिकवरी व कानूनी कार्यवाही कब तक की जाती है वही बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में सूक्ष्मता से जांच की जाती है तो कुछ बड़े नाम भी सामने आ सकते है ।

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