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रात भर डीजे की धुन पर झूमते नजर आए युवा.. पुलिस/प्रशासन अपनी ही गाइडलाइंस का नही करा पाए पालन…डीजे की धुन पर बज रहे फूहड़ गीतों ने उड़ाई लोगों की नींद.*

बालोद- जिला मुख्यालय में सोमवार को रात 10 बजे डीजे साउंड,डीटीएस साउंड व् गांजे बाजे एव आतिशबाजी के साथ भव्य गणेश विसर्जन झांकी निकली गई।इस विसर्जन शोभायात्रा को देखने रातभर नगर जगता रहा। यही नहीं आस-पास के ग्रामीणों ने भी इस यात्रा में शामिल हुए।

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पर इस दौरान फूहड़ गीतों पर झूमते लोगों ने नगरवासियों को परेशान किया प्रशासन ने भी गणेश विसर्जन और डीजे के शोरगुल को लेकर गाइडलाइन तो जारी कर दी लेकिन जब डीजे के हाई डेसीबल decibels में बजते रहे जिसके चलते बुजुर्गों के अलावा आम शहरवासी भी परेशान होते रहे । लेकिन प्रशासन की टीम इन डीजे संचालकों को कंट्रोल नही कर पाए निर्धारित मापदंडों के अनुसार 30 से 40 डेसीबल की आवाज को सामान्य तथा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नही माना जाता है इससे ज्यादा आवाज खासतौर पर दिल की मरीजों के लिए घातक भी होता है लेकिन सोमवार रात को शहर की सड़कों पर डीजे की धुन 100 से भी ज्यादा डेसीबल में बजाई जा रही थी

मरीज रहे परेशान

 

जिला मुख्यालय में सोमवार को आधी रात दर्जनों डीजे साउंड सिस्टम के साथ डीजे में फूहड़ गीतों पर युवा देर रात तक थिरकते रहे। एक ओर जहां युवा वर्ग के लोगों को डीजे डांस पसन्द आया, तो वृद्ध जन रातभर इस शोर-शराबे पर सो नहीं पाए। वहीं ऐसे तेज आवाज में बजाए जा रहे डीजे के कारण हाईब्लडप्रेशर के मरीज भी काफी परेशान रहे और डीजे बंद होने का इंतजार कर रहे थे।

फिर उलझी तारो के गुच्छो पर गणेश विसर्जन शोभायात्रा

 

खुशियों के बीच गणपति पप्पा के जयकारे के साथ डीजे साउंड और धुमाल व भव्य आतिशबाजी के बीच यह विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई पर ये झांकियां विद्युत तारों में उलझती रही। नगर में अभी भी सालों पुराने विद्युत तारों से नगर के सदर मार्ग व मधुचौक मार्ग ऊपर तारों के गुच्छों से अटा हुआ है। हर बार की तरह इस बार भी इन तारों के गुच्छों से गणेश की प्रतिमाएं फंसने से बचे। इस बार इन तारों के गुच्छे से बचाने के लिए हाथों में लकड़ी लेकर तार को उठा कर गणेश प्रतिमा को पार कराया गया।

शहर में नही हई अप्रिय घटनाए

शहर में झांकी के आयोजन को लेकर कानून व्यवस्था बनाने के लिए सभी चौक चैराहे में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।पुलिस की चुस्त दुरस्त व्यवस्था के चलते शहर में कोई अप्रिय धटना नही धटी बल्कि माहौल पूरी तरह से शांति रहा। मरारपारा के उत्साही नवयुवको ने झांकी का प्रदर्शन भी किया।इस दौरान झांकी को देखने के लिए बालोद शहर सहित आस पास के ग्रामीण अंचलो के लोग बड़ी सख्या में पहुचे,शहर के चौक चैराहों में लोग इकठा होकर गणेश विसर्जन शोभायात्रा के मनोरम द्रश्य को निहार कर मोबाइल से फोटो व् सेल्फ़ी ले रहे थे।शहर के विभिन्न स्थानों पर विराजे गणेश भगवान का विसर्जन मंगलवार की सुबह भी जारी रहा। शिकारीपारा, मरारपारा, नयापारा, आमापारा व बुधवारी बाजार,गंजपारा, नया बस स्टैंड,संजय नगर,गांधी भवन अन्य इलाकों में स्थापित बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। डीजे की धुन पर विसर्जन शोभायात्रा निकली। जिसमें युवाओं ने नाचते गाते हुए, गणपति को बिदाई दी। अगले बरस तू जल्दी आ, गणपत्ति मोरिया के जयकारे के साथ युवाओं की टोलियां शहर के प्रमुख मार्गो गुजरती रहीं।


नगर के सड़को में देर रात तक गुजरती रही गणेश विसर्जन शोभायात्रा

 

इस बार लगातार मंगलवार से शुक्रवार तक गणेश विसर्जन का कार्यक्रम चलता रहा। रविवार को भी कई गणेश गंगा सागर तालाब में विसर्जित किए गए। वहीं मंगलवार को भी डीजे की धून में गणेश विसर्जन सुबह पांच बजे तक चला। रात भर युवा नगर की सड़कों पर नाचते रहे। यही नजारा मंगलवार को भी रहा। 6 घंटे तक डीजे की धून में गणेश भगवान को शहर के प्रमुख मार्गो में घुमाया गया।

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