जिले में 32 लाख रुपये का वेतन भुगतान अटका
महिलाओं ने बताया कि छ.ग. सामाजिक अंकेक्षण इकाई बालोद के द्वारा समस्त बी.एस.ए./ पीआरपी 534 ग्राम पंचायतों का सामाजिक आरक्षण कार्य किया गया है। जिसके लिए लगभग 1336 ग्रामीण स्त्रोत द्वारा उक्त वर्ष में व्यक्तियों (मनरेगा मजदूर परिवार के सदस्य/स्वयं सहायता समूह की महिला) को रोजगार उपलब्ध कराया गया है । वित्तीय वर्ष 2021-22 के माह सितम्बर 2021 से माह मार्च 2022 तक किए गए सामाजिक अंकेक्षण कार्य में सम्मिलित ग्रामीण स्त्रोत व्यक्ति को लगभग 4 लाख 36 हजार 800 रूपये का भुगतान नहीं जा सका है।वही जिले में 500 से सदस्यों को लगभग 32 लाख रुपये वेतन का भुगतान नही किया गया हैं।
12 माह से वेतन नही मिलने से आर्थिक संकट से जूझ रही जिले की महिलाएं
महिलाओं ने बताया कि भारत सरकार में महत्वपूर्ण योजना राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहयता समूहों के महिलाओं को सामाजिक अक्षण कार्य में जोड़कर ग्राम पंचायतों में ऑडिट कार्य पूर्ण करवाया गया। परन्तु 12 माह से वेतन नही मिलने के कारण हम समस्त बी.एस.ए./बी.आर.पी. कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है तथा जीवन निर्वहन में कठिनाईयां जा रही है, पी.एस.ए./बी.आर.पी कर्मचारियों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।महिलाओं ने विषय की गंभीरता को देखते हुए समस्त पी. एस.ए./बी. आर. पी.का मानदेय भुगतान देने की मांग प्रशासन से किया हैं।ज्ञापन सौपने के दौरान तारणी साहू गुण्डरदेही, शीतल साहू,रागनी साहू,शिमा यादव,मालती ठाकुर,पामेश्वरी टंडन,हुलसी बाई, पेनिशा ,राकेश साहू,हेमचंद,डोमेन्द्र,डेमन पटेल,सहित जिले के अन्य सदस्य शामिल रहे।