Skip to main content

प्रदेश रूचि

सिर्फ बालोद जिले में 48 हजार से अधिक निवेशकों के करीब 325 करोड़ फंसा है इस चिटफंड कंपनी में….अभिकर्ताओं ने कंपनी के डायरेक्टर को गिरफ्तार करने का किया मांग

बालोद- सहारा इंडिया कंपनी लखनऊ (उ.प्र.) के सबंधित चेयरमैन व डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में निवेशकों और बालोद जिला अभिकर्ता संध सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्टर को मांग पत्र सौंपते हुए राशि पूरी होने के बावजूद निवेशकों को भुगतान नहीं करने पर सहारा इंडिया कंपनी के चेयरमैन व डायरेकर के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। बता दे कि वर्तमान में बालोद जिले से करीब 48412 निवेशकों के लगभग 325 करोड़ रूपये भुगतान के लिए पेंडिंग हैं।

क्या कहा सहारा अभिकर्ताओं ने…देखे वीडियो

जिले के 48412 निवेशकों के लगभग 325 करोड़ रुपये का नही हुआ भुगतान

जिला अभिकर्ता संध के जिलाध्यक्ष तरुण देवांगन ने बताया कि हम सभी कार्यकर्तागण बालोद जिला के निवासी है। 20-21 वर्षों से बतौर अभीकर्ता के रूप में कार्य कर रहे थे। बालोद जिला में सहारा इंडिया कंपनी की 5 ब्रांच में कार्यरत है पिछले 5-6 वर्षों से कंपनी द्वारा सम्मानित निवेशकों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। वर्तमान में बालोद जिले से करीब 48412 निवेशकों के लगभग 325 करोड़ रूपये भुगतान के लिए पेंडिंग है। जिसमें से शाखा कार्यालय दल्लीराजहरा के 82 करोड़, फैबाईसी कार्यालय बालोद के 73 करोड़, फ्रेंचाईसी कार्यालय गुंडरदेही के 65 करोड़, ऊंचाईसी कार्यालय गुरूर के 60 करोड़ एवं फ्रेंचाईसी कार्यालय डौंडीलोहारा के 45 करोड़ रूपये भुगतान के लिए रुका हुआ है।


आर्थिक तंगी से सूझ रहे कार्यकर्ता

जिला उपाध्यक्ष गौरीशंकर साहू ने बताया की कंपनी के डायरेक्टरों व संबंधित अधिकारीयों से संपर्क करने पर जवाब आता है कि कंपनी की 25 हजार करोड़ रूपए सेवी के पास जमा है तथा कंपनी के उपर एम्बारगो लगा होने का पल्ला झाडकर भुगतान नहीं किया जा रहा है। भुगतान नहीं होने से बुजुगों को मिलने वाला एम.आई.एस. की राशि नहीं मिल पा रहा है। जिससे उसका वृद्धावस्था की खर्च के लिए मोहताज हो गये है। किसी की बेटी की शादी टूट रही है, किसी की शादी भी नहीं हो पा रही है। पालक अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर अंधकार में है वहीं हमारे जैसे सैकड़ों कार्यकर्ता के उपर बहुतवड़ी आर्थिक तंगी निर्मित हो गई है। परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

कार्यकर्ता और निवेशकों के बीच होता हैं वाद-विवाद

वर्तमान में पडोसी जिला राजनांदगांव में वहां के जिलाधिश महोदय एवं प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा कड़ा रुख अपनाते हुए लखनऊ से चार डायरेक्टरों को लाया गया तथा न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेज दिया गया। जिसके पश्चात् वहां पर भुगतान के लिए स्वयं कंपनी द्वारा 15 करोड़ रूपये की राशि दी गई। उक्त परिस्थितियों के चलते हम कार्यकताओं एवं निवेशकों के बीच वाद-विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है तथा आपसी संबंध खराब होते जा रहे है। इन सब बातों से हम सभी कार्यकर्तागण मानसिक तनाव से गुजर रहे है। ज्ञापन सौपने वालो में जिलाध्यक्ष तरुण देवांगन, अंगुराम साहू,उपाध्यक्ष गौरीशंकर साहू,धनेश साहू,कोषाध्यक्ष राजकिशोर साहू,प्रेम योगेश साहू,सचिव सुरेश साहू,शरद सिन्हा, सदस्यों में गौतम साहू,राजेन्द्र सिन्हा, हरमिल सहगल,नरेंद्र साहू,शेख फरीद सिध्दकी, रेमन सिन्हा सहित अन्य शामिल थे।


सहारा इंडिया कंपनी के चेयरमैन व डायरेक्टर

 

जीवराज सिंह (मंडल प्रमुख सहारा इंडिया कार्यालय, रायपुर) सहारा केडिट कोआपरेटिव सोसायटी लिमिटेड कंपनी।ओ.पी. श्रीवास्तव (चेयरमेन लखनऊ)।करूणेश अवस्थी (प्रबंध निदेशक। प्रशांत वर्मा (निदेशक, लखनऊ) 4 पवन कपूर (निदेशक, लखनऊ)।लालजी वर्मा (निदेशक, अलीगढ़)कंपनी सहारियन यूनिवर्शल मल्टीपर्पज सोसायटी लिमिटेड। मो. खालीद (डायरेक्टर, लखनऊ)।शैलेशमोहन सहाय (डायरेक्टर, लखनऊ)।सीमा खान (चेयरमेन, लखनऊ)।जितेन्द्र वाष्णेय (पूर्व प्रबंध निदेशक, लखनऊ)।कंपनी सहारा क्यूशॉप यूनिक प्रोडक्शन रेंज लिमिटेड 1- प्रदीप कुमार (डायरेक्टर, लखनऊ)। डी. के. श्रीवास्तव (डायरेक्टर, लखनऊ)अनिल कुमार पाण्डेय (डायरेक्टर, लखनऊ) शामिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!