भगवान हनुमान एक किसान के सपने आकर दिया दर्शन…फिर हुई एक छोटे से प्रतिमा की हुई प्राण प्रतिष्ठा…आज प्रतिमा के साथ मंदिर भी ले चुका विशाल आकार… आइए जाने बालोद जिले के इस हनुमान मंदिर की क्या है विशेषता
बालोद- भगवान हनुमान को शक्ति का प्रतीक माना जाता है। हनुमान एक ऐसे देवता हैं, जिनका मंदिर हर स्थान पर आसानी से मिल जाता है। कलियुग में सबसे ज्यादा भगवान शंकर के ग्यारहवें रुद्र अवतार श्रीहनुमानजी को ही पूजा जाता है। इसीलिए, हनुमानजी को कलियुग का जीवंत देवता भी माना जाता है। छत्तीसगढ़ के बालोद…




















