‘मैं’ की भावना परिवारों को कर रही बिखरने पर मजबूर : अक्षयमुनिजी
बालोद। समता भवन में चल रही चातुर्मास श्रृंखला के दौरान शासन दीपक श्री अक्षयमुनिजी मसा ने कहा कि शरीर को खुराक, मन को सकारात्मक विचार और आत्मा को जागरण की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य का जीवन काफी हद तक उसके विचारों पर निर्भर है। नकारात्मक विचार व्यक्ति के जीवन में समस्याएं बढ़ाते हैं।…













