रास्ते खुद बयां कर रहे हैं बदहाली की दास्तान जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर गांव, लेकिन पहुंचने के लिए तय करनी पड़ती है 37 किमी की पीड़ा भरी दूरी
बालोद।आज़ादी के 78 वर्ष बाद भी बालोद जिले का वनांचल ग्राम मंगचुवा विकास की मुख्यधारा से कटकर मानो अबूझमाड़ जैसी ज़िंदगी जीने को मजबूर है। जिला मुख्यालय से महज 16 किलोमीटर की सीधी दूरी पर बसे इस गांव के ग्रामीणों को प्रशासनिक काम या इलाज के लिए हितेकसा–कान्हरपुरी–गुरूर होकर करीब 37 किलोमीटर का चक्कर लगाना…




















