प्रदेशरुचि विशेष | जब हर हाथ ने बोया भविष्य: ‘एक पेड़ महतारी के नाम’ से बालोद ने रचा हरित इतिहास, जनभागीदारी की बनी नई मिसाल
‘एक पेड़ महतारी के नाम’ बना जनभावना का महाअभियान, ढाई लाख से अधिक पौधों के साथ जिले ने लिखा पर्यावरण संरक्षण का नया अध्याय बालोद। कभी-कभी इतिहास किसी बड़े आंदोलन या राजनीतिक घटना से नहीं, बल्कि लाखों हाथों द्वारा एक साथ किए गए छोटे-छोटे संकल्पों से लिखा जाता है। 30 जुलाई का दिन बालोद जिले…




















