प्रदेश रूचि

खुरसुनी जनसमस्या शिविर बना सौगातों का मंच, 929 आवेदनों का मौके पर निपटाराबालोद में महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने, किसका दांव पड़ेगा भारी?…पढ़े पूरी खबर सिर्फ प्रदेशरुचि पर…ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने दिखाई एकजुटता, हर माह होगी बैठक, प्रतिभावान बेटियों के सम्मान का संकल्पआईटीआई में पढ़ाई छोड़ छात्रों से मजदूरी, निर्माण कार्य के दौरान छात्र घायल हादसे में दोनों हाथों की पांच उंगलियां कटीं, छात्रों ने वर्षों से श्रम कराने का लगाया आरोपराष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर बालोद में प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान, जल संरक्षण और पशु-पक्षियों के लिए पानी को लेकर हुई सार्थक चर्चा

रास्ते खुद बयां कर रहे हैं बदहाली की दास्तान जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर गांव, लेकिन पहुंचने के लिए तय करनी पड़ती है 37 किमी की पीड़ा भरी दूरी

बालोद।आज़ादी के 78 वर्ष बाद भी बालोद जिले का वनांचल ग्राम मंगचुवा विकास की मुख्यधारा से कटकर मानो अबूझमाड़ जैसी ज़िंदगी जीने को मजबूर है। जिला मुख्यालय से महज 16 किलोमीटर की सीधी दूरी पर बसे इस गांव के ग्रामीणों को प्रशासनिक काम या इलाज के लिए हितेकसा–कान्हरपुरी–गुरूर होकर करीब 37 किलोमीटर का चक्कर लगाना…

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