धमतरी…. घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के जंगली रास्ते पर सिहावा से बोराई, बस्तर और उड़ीसा मुख्य मार्ग पर बहिगांव के पास एक बड़ा सा पेड़ गिरा था….. जिसके चलते राहगीरों को काफी दिक्कत हुई,काफी समय तक रास्ता बंद रहा…तभी सर्चिंग के निकले DRG के जवानों ने सड़क पर गिरे वृक्ष को वहाँ से हटाया और और रास्ता क्लियर करवाया , फिर वाहनों का आवाजाही शुरू हुआ जिसके लिए राहगीरों ने जवानों की सराहना किए, इधर घनघोर जंगल में कच्ची रास्ते और खूंखार जंगली जानवर के खौफ के बीच सर्द मौसम में सर्दी का सितम झेलते ठंड में ठिठुरते पोठली लेकर बैठी 50 से 52 वर्षीय बूढ़ी अम्मा खुमीना बाई के लिए डीआरजी के जांबाजो ने जो कुछ भी किया उससे जानकर हर कोई जवानों की सराहना कर रहे हैं… खासकर वो बूढ़ी अम्मा और उनका पूरा परिवार, जानकारी के मुताबिक नक्सल डीएसपी आरके मिश्रा और डीआरजी प्रभारी एएसआई संजीव मालेकर अपने डीआरजी के जवानों संग जंगल में सर्चिंग पर निकले थे……उसी दौरान कारीपानी से एकवारी जाने के रास्ते पर वाच टॉवर के आगे जवानों की नजर जंगल में जमीन पर बैठी बूढ़ी अम्मा पर पड़ी,जिसे देखकर जवान एक पल के लिए खुद हैरत में पड़ गए, की सुनसान जंगल में बैठी यह अम्मा कौन है…फिर क्या खुद नक्सल डीएसपी आरके मिश्रा और डीआरजी प्रभारी मालेकर ने हाल जानने की कोशिश की, पर अम्मा ज्यादा कुछ बोल नहीं पा रही थी, पर हाँ अपने गाँव का नाम जरूर बता रही थी…जवानों ने को अपने पास रखे चना, मुर्रा, और बिस्किट खिलाया और अम्मा का खूब ख्याल रखा…जंगल से साथ लेकर आये उन्हें खाना खिलाया और उन्हें सकुशल उनके गांव तालपारा गट्टासिल्ली उनके परिजनों तक पहुँचाया,जिसके लिए खुमीना बाई परिजन समेत लोगों जवानों का धन्यवाद किया और कहा कि… हम लोग काफी परेशान थे, अम्मा आठ से लापता थी, हम लोग उसे लगातार ढूंढ रहे थे, आज भी ढूंढने नगरी गए पुलिस ने हमारी अम्मा को हम तक पहुँचाया, हमारी बहुत बड़ी परेशानी दूर हो गयी, पुलिस के सर लोगों का और आप लोगों बहुत शुक्रिया…वहीँ धमतरी एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि हमारे जवान बहुत संवेदनशील है, तकलीफ में आमजनता के करीब है … मैंने खुद मेरे तरफ से खुद निर्देश दिया हुआ है, की किसी को हॉस्पिटल पहुँचा ना हो ,या लग रहा कोई कई दिनों से खाना नहीं खाया हो ,अपने जो भी है खाने के लिए ,उसकी मदद करें, पूरी टीम की प्रशंसनीय कार्य है…
*खुमीना बाई नेताम के परिजनों ने बताया कि…..!*
खुमीना बाई कभी -कभी अक्सर घर से बिना कुछ बताये निकल जाती है, और दो चार दिनों में घर लौट आती थी… लेकिन इस बार 8 दिन हो गया था घर से गयी ,सिहावा थाना इलाके के सांकरा नवागांव उसका मायके है वहाँ भी रहती थी और वापस आ जाती थी, कुछ समय से मानसिक रूप थोड़ी कमजोर है, घर में एक बेटा है और बेटी है, लेकिन 3 माह पूर्व बेटी का भी BSF में चयन हुआ है जो पश्चिम बंगाल में है… खुमिना बाई के भाई लोग में पुलिस में पदस्थ है.…