आंदोलन की सफलता तो उसी दिन तय हो गई जब प्रदेश भर के सहायक शिक्षक अपने वेतन विसंगति की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन में रायपुर में डटे हुए हैं। विगत 3 वर्षों से सरकार के घोषणापत्र के क्रियान्वयन की प्रतीक्षा हम करते रहे।
मुख्यमंत्री के आश्वासन पर तीन महीने की कमेटी के रिपोर्ट का भी इंतजार हमने किया हमें जानबूझ कर सरकार आंदोलन में धकेल रही है और विगत 13 दिन से प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं है। इसके जिम्मेदार शासन और प्रशासन के लोग ही हैं।प्रशासन कोरोना जैसी स्थिति के बाद स्कूल खुलने और हमसे अपेक्षा की गई है कि हम अपने कार्य सम्पादित करें।
इन्ही अधिकारियों ने हमारी ड्यूटी बगैर बीमा और सुरक्षा साधनों के कंटेमेन्ट जोन और कांटेक्ट ट्रेसिंग में लगाई थी।
डौन्डी लोहारा में धरना स्थल में सहायक शिक्षकों ने नोटिस जलाई गई। और सभी सहायक शिक्षकों को आंदोलन में बने रहने की अपील की गई ।