● उठाव की रफ्तार धीमी ●
वहीं दूसरी ओर इस सीजन के धान की खरीदी प्रारम्भ हो चुकी है। इस साल किसानों की संख्या में भी इजाफा हुआ है और ऐसे में उठाव की रफ्तार धीमी रही, तो धान को सुरक्षित रखने के लिए जगह की कमी होगी। इधर, अधिकारियों का कहना है कि मालीघोरी संग्रहण केंद्र में रखे पुराने धान का जल्द ही उठाव कर लिया जायेगा।
● मिलर्स ने नही किया उठाव इसलिए धान जाम ●
ज़िलें में धान रखने के लिए 4 संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं। जहां समितियों से धान लाकर रखा जाता है और इन्हीं संग्रहण केंद्रों से मिलिंग के लिए धान भेजा जाता है। वर्तमान में मालीघोरी संग्रहण केंद्र में पिछले साल का धान रखा हुआ है, जिसका उठाव नहीं हो सका है। केंद्र प्रभारी का कहना है कि तिगाला मालीघोरी, जय बजरंग बालोद, पद्मा राइस मिल राजनांदगांव और अरिहंत खपरी के मिलर्स द्वारा जारी डीओ के हिसाब से धान का उठाव नही किया है इसलिए केंद्र में धान जाम पड़ा हुआ है।
● जांच में पहुंचे नोडल अधिकारी और डीएमओ ●
संग्रहण केंद्र में पतला धान होने की शिकायतों के बाद मंगलवार जांच में धान खरीदी व मिलिंग के नोडल अधिकारी अभिषेक दीवान और डीएमओ राहुल अन्द्रस्कर मालीघोरी के संग्रहण केंद्र पहुंचे। जहां उन्होंने धान का सेम्पल लिया है।
क्या कहते है अधिकारी
मामले पर जहां नोडल अधिकारी ने मामले की जांच करवाने की बात कही वही मौके पर पहुंचे राहुल अन्द्रस्कर जिला विपणन अधिकारी ने कहा पिछले सीजन के शेष धान का निराकरण जारी है। कुछ शिकायत आई थी कि केंद्र में पतला धान है उसी के जांच में आए है। सरना धान का डीओ जारी हुआ है। जांच के बाद सब स्पष्ट हो जाएगा
नए सत्र के धान खरीदी शुरू होने के बाद आये पुराने धान उठाव व मोटे धान के डीओ में पतले धान परिवहन मामला ने जिले के अन्य संग्रहण केंद्रों के धान उठाव पर सवाल खड़े कर दिया है आपको बतादे यह कोई नया मामला नही था इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके है लेकिन देखना होगा अब इस मामले की जांच रिपोर्ट क्या कहती है