महिलाओं ने 15 मिनट तक सरदार पटेल मैदान के सामने सड़क में किया चक्काजाम
इस दौरान स्व सहायता की महिलाओं ने मध्यान भोजन की राशि देने के लिए नारे बाजी करते हुए सरदार पटेल मैदान के सामने वाली सड़क पर बैठकर चक्काजाम कर दिया गया।जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और इस बीच धरने स्थल पहुचकर एसडीएम रामसिंग ठाकुर और तहसीलदार परमेश्वर मंडावी ने महिलाओं से चक्काजाम करने की अपील किया गया लेकिन महिलाओं ने मध्यान भोजन की राशि देने की मांग को लेकर अड़े रहे।एसडीएम और तहसीलदार द्वारा काफी समझाइस पर महिलाओं ने चक्काजाम समाप्त किया गया।स्व सहायता की महिलाओं ने लगभग 15 मिनट तक सड़क पर बैठे रहे।इस दौरान राहगीरों को कुछ देर के लिए आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से बीईओ कार्यलय में मध्यान भोजन की राशि वापस करने लिखा पत्र
जानकारी के अनुसार पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी बसंत बाध द्वारा 12 सितंबर को जिले के बालोद, गुरुर,गुंडरदेही, डोंडीलोहारा व डोंडी के विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को मध्यान भोजन की राशि को वापस भेजने के लिए पत्र भेजा गया था।जिसके बाद ब्लाक शिक्षा अधिकारियों ने मध्यान भोजन की राशि को वापस जिला शिक्षा कार्यलय में भेजा गया।बालोद जिले के मध्यान भोजन चला रही स्व सहायता महिलाओं को राशि देने के लिए 3 करोड़ 79 लाख 68 हजार 166 रुपये का आबंटन केंद्र सरकार द्वारा किया गया था।लेकिन राज्य सरकार के आदेश पर मध्यान भोजन चला रही महिलाओं का पैसा को राज्य सरकार के खाते वापस किया गया हैं। जिसके कारण स्व सहायता की महिलाओं पैसा के लिए दर दर भटक रही है।
आप लोगो की तकलीफ को समझ रहा हूँ,एसडीएम रामसिंग ठाकुर
स्व सहायता की महिलाओं ने मध्यान भोजन बंद करने की मांग को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौपना चाह रहे थे।लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी अनुपस्थित होने के कारण एसडीएम रामसिंग ठाकुर ने ज्ञापन लिया।इस दौरान एसडीएम ने महिलाओं से कहा कि आप लोगो की तकलीफ को समझ रहा हु।यह शासन स्तर का मामला है।मध्यान भोजन सरकार की महत्वपूर्ण योजना है इसे आप बंद नही करने की अपील करते हुए उन्होंने महिलाओं से पुनः एक बार विचार कर मध्यान भोजन प्रारभ करने की बाते कही।
10 प्रतिशत ब्याज लेकर चला रहे मध्यान भोजन
स्व सहायता की महिलाओं ने एसडीएम को कहा सेठ साहूकारों से10 प्रतिशत ब्याज में लेकर मध्यान भोजन चला रहे है। साहब अब मध्यान भोजन चलाने में असर्मथ है। गहने को गिरवी में रखकर मध्यान भोजन चला रहे थे। अब हम मध्यान्ह भोजन चलाने की स्थिति में नही है। महिलाओं ने कहा संध का फैसला है अब आर पार की लड़ाई होगी।50 प्रतिशत महिलाएं उपस्थित है।मांग को लेकर दो दिनों से कार्यलय का चक्कर लगा रहे हैं।लेकिन हमारी मांग पर शासन प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नही दिया जा रहा हैं।महिलाओं ने कहा कि जब तक मध्यान भोजन की राशि नही मिलेगा तब तक मध्यान भोजन के संचालन नही करने की चेतावनी शासन प्रशासन को दिया है।
मध्यान भोजन संचालन बंद करने एसडीएम को सौपे ज्ञापन
जिलाध्यक्ष लोकेश्वरी साहू ने बताया कि विगत 5 माह से मध्यान भोजन कि राशि न मिलने के कारण मध्यान भोजन संघ द्वारा अनिश्चित कालिन हडताल को बाध्य होना पड़ रहा है। उच्च अधिकारी द्वारा हमे विगत 15 दिनो से केवल अश्वासन दिया जा रहा है कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है तो स्वसहायता समूह संघ द्वारा मध्यान भोजन संचालन बंद कर हडताल करने को बाध्य है जिसकी पुरी जवाबदारी शासन प्रशासन कि होगी जब तक विगत 5 माह की राशि स्वयं सहायता समूह के खाते में नहीं डल जाता तब तक मध्यान भोजन संचालन बंद रहेगा। राशि मिलने की स्थिति में हम पुनःमध्यान भोजन का संचालन शुरू कर देंगे। जब तक राशि खाते मे नही डलता है तब तक किसी अन्य समूह और प्रधान पाठक को मध्यान भोजन संचालन का कार्य नही देने की मांग शासन प्रशासन से किया है।इस दौरान सुरेंद्र देवांगन, राम लाल,अकलहिन बाई,हेमलता,किरण साहू,यशोदा साहू,गोदावरी बाई,रहिमत बाई,पार्वती बाई,ईश्वरी बाई,अंजनी साहू,धनई बाई सहित बड़ी सख्या में स्व सहायता समूह के सदस्य शामिल थे।
स्व सहायता महिलाओं की खाते में अगले सप्ताह डाली जाएगी 2 करोड़ रुपये
विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि शिक्षा मंत्री प्रेमसिंह साय से फोन से बात हुई हैं।2 करोड़ रुपये स्व सहायता महिलाओं के बैक खाते में 2 करोड़ रुपये पहुच जाएगा।हमारी सरकार में कोई दिक्कत नही है।