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*दलदल से लथपथ चंदनबाहरा पहुँच मार्ग : …और ग्रामीणों को मांग करते बरसों बीत गए फिर भी नहीं बन पायी एक सड़क……बेबस,लाचार लोगों की जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से उम्मीदें हुई खत्म…..तो खुद श्रमदान कर 8 किमी तक रास्ते की कर लेते है मरम्मत , विधायक ने कहा…!*

 

धमतरी….. जिले के अंतिम छोर पर गरियाबंद जिले के सीमा से लगे अतिसंवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र… ग्राम चंदनबाहरा के ग्रामीणों को बारिश के मौसम में चार माह तक भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है…घने जंगल के बीच उबड़ – खाबड़ कच्ची रास्ते इस गाँव का पहुँच मार्ग दलदल से लथपथ है… जहाँ पर चारपहिया ,दो पहिया वाहन तो दूर पैदल चलना मुश्किल हो जाता है… कीचड़ से सने बदहाल कच्ची सड़क के चलते बरसात के दिनों में यहां के ग्रामीणों को राशन से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सुविधाओं के लिए बहुत परेशानियों से रूबरू होना पड़ता है…जब मीडिया की टीम वहां पहुँची तो ग्रामीणों ने अपना दर्द सुनाते हुए शासन – प्रशासन से सड़क निर्माण करने की मांग की है…
*ब्लॉक मुख्यालय से महज 17 किमी दूर बसा है ग्राम चंदनबाहरा फिर भी नहीं बदली यहाँ की तस्वीर…*
ब्लाक मुख्यालय नगरी से 9 किमी. की की दूरी पर बसे ग्राम पंचायत फरसिया के आश्रित ग्राम चंदनबाहरा की दूरी पंचायत मुख्यालय से सिर्फ 9 किमी है… जहाँ की आबादी जनसंख्या तकरीबन तीन सौ है… बता दे कि ग्राम चंदनबाहरा अतिसंवेदनशील क्षेत्र में आता है । जिसके बाद भी आज तक यहाँ पहुँचने के लिए पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है… वहीँ इस गांव में बीते शनिवार की देर रात नक्सलियों ने एक युवक को मौत के घाट उतार दिया …जिसके बाद मार्ग पर काफी दलदल होने की वजह से एसपी सहित पुलिस पार्टी को अपना वाहन दूर छोड़कर तकरीबन 1 किमी की दूरी पैदल तय कर घटनास्थल तक पहुँचना पड़ा था…

*8th के बाद आगे की पढ़ाई करने बाहर जाते है बच्चे…*
बताया कि यहाँ के बच्चों को हाईस्कूल से लेकर कॉलेज की पढ़ाई करने गांव से बाहर जाना पड़ता है…लेकिन बारिश के दिनों में सुने जंगल के बीच दलदल से लथपथ कच्ची मार्ग पर साइकिल तो दूर पैदल चलना भी एक चुनौती है… अब ऐसे में बच्चे कई दिनों पढ़ाई करने भी नहीं जा पाते साथ ही ग्रामीणों को राशन से लेकर स्वास्थ्य और सरकारी कार्य के पंचायत और ब्लॉक मुख्यालय के लिए इसी मार्ग से होकर जाना होता है…जिसके लिए उन्हें काफी दिक्कत होती है। ग्रामीणों की माने तो सड़क निर्माण के लिए उनका बहुप्रतीक्षित मांग अभी का नहीं है… बल्कि बीते कई वर्षों से ग्रामीण विधायक, कलेक्टर ,जनप्रतिनिधि और सरपंच से मांग करते आ रहे है फिर भी मांग पूरा नहीं हुआ…अब इसे ग्रामीणों का दुर्भाग्य कहे या फिर सिस्टम की लाचारी क्योंकि अब तक चंदनबाहरा पहुँच मार्ग में एक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है…ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में सड़क निर्माण के लिए वन विभाग रोड़ा पैदा कर रहे है…समान्य वन मंडल क्षेत्र में आने के बावजूद यहां पर सड़क निर्माण में दिक्कत हो रहा जबकि प्रक्रिया अनुसार कार्य किया जा सकता है…

*श्रमदान कर ग्रामीण हर वर्ष 8 किमी तक इस मार्ग की करते है मरम्मत…*

ग्रामीणों की माने तो हर वर्ष वह श्रम दान कर 8 किमी. तक इस मार्ग की मरम्मत करते है… प्रत्येक घर से एक व्यक्ति श्रम दान करने पहुँचते है… ग्रामीणों को गाड़ी लोड कर अपना धान, अनाज को बेचने के लिए बाहर खरीदी केंद्र और मंडी लेकर जाना पड़ता है…लेकिन बारिश होते ही फिर से ग्रामीणों के मेहनत पर पानी फिर जाता है…
*यहाँ के निवासी अनिरुद कश्यप बोले* किसी की तबियत खराब होने पर या किसी महिला को प्रसव पीड़ा होने होने पर… महतारी और संजीविनी एक्सप्रेस गाँव तक नहीं पहुँच पाता… जिसके चलते उन्हें मोटी रकम खर्च कर प्राइवेट वाहन लाना पड़ता है वो भी गांव तक पहुँच नहीं पाता… बीमार व्यक्ति को किसी तरह खाट में लादकर आधे रास्ते वाहन तक पहुँचाते है… तब जाकर उपचार के लिए अस्पताल तक पहुँचते है…
*नोहरसिंह ने बताया कि…* रास्ते खराब होने और दलदल से भरे होने के कारण दो पहिया वाहन दो दूर इस मार्ग पर पैदल चलना भी मुश्किल भरा होता है…जिसके चलते राशन समान से लेकर सरकारी कार्य के लिए पंचायत व ब्लॉक मुख्यालय तक जाने के लिए बहुत परेशानी होता है… बच्चे बारिश में कई दिन पढ़ाई करने नहीं जा पा जाते…

*बिसम्बर सोरी ने कहा कि…*
हमारे गांव तक पहुँच मार्ग पर सड़क निर्माण के लिए बीते कई वर्षों से मांग करते आ रहे है… लेकिन पता नहीं क्यों जनप्रतिनिधि और अधिकारी हम ग्रामीणों की मांग को अनसुना कर देते है… पूर्व में क्षेत्र के विधायक सहित जनप्रतिनिधियों से भी हम लोग सड़क निर्माण की मांग कर चुके है …लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है…अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को गांव का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं का सुध लेना चाहिए…
*वहीँ इस मसले पर क्षेत्र की विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने कहा…*
बहुत सारे समस्या को मैं विधानसभा में उठाई हूँ… और CM के नॉलेज में भी लाई हूँ… इस पर विचार विमर्श चल रहा है… पूर्व में पन्द्रह वर्ष तक BJP की सरकार थी… उनको चकाचक बना देना था तो ये सब मैं आज नहीं सुनती… हमारी सरकार आगे चुनावी मोड़ पर आ जायेगी तो जितने भी टूटे – फूटे जर्जर सड़क है उसका नवीनीकरण हो जाएगा… ऐसा आश्वासन हमारे लोक निर्माण विभाग के मंत्री ताम्रजध्वज साहू ने दिया है…

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