बालोद। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डोमनलाल कोर्सेवाड़ा शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। बालोद जिले के गुंडरदेही विकासखंड स्थित उनके पैतृक ग्राम भेण्ड्रा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित प्रदेश के कई मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय डोमनलाल कोर्सेवाड़ा की पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पार्थिव शरीर को कांधा देकर अंतिम विदाई दी। साथ ही शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस कठिन समय में उन्हें ढांढस बंधाया।

गौरतलब है कि 78 वर्षीय विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का हैदराबाद में उपचार के दौरान निधन हो गया था। शनिवार सुबह उनका पार्थिव शरीर विमान से रायपुर पहुंचा, जहां स्वामी विवेकानंद विमानतल पर अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद पार्थिव शरीर भिलाई-3 स्थित उनके शासकीय आवास लाया गया, जहां परिजनों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी।
इसके पश्चात पार्थिव शरीर को उनके पैतृक ग्राम भेण्ड्रा ले जाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। अंतिम विदाई के दौरान खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद विजय बघेल एवं भोजराज नाग, विधायक पुन्नूलाल मोहले, ईश्वर साहू, ललित चन्द्राकर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अलावा दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह, बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, हरिवंश सिंह मिरी, गिरधारी लाल यादव सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सतनामी समाज के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

दिवंगत विधायक के सम्मान में सादगी से होगा जिला स्तरीय राज्योत्सव
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन पर सम्मान व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन ने जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह को सादगी के साथ आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत समारोह में प्रस्तावित सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं।
अब राज्योत्सव में केवल शासकीय योजनाओं और जिले में हुए विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके माध्यम से आम नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और जिले की विकास उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी।













