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प्रदेश रूचि

जमही टोल प्लाजा पर 12 पंचायतों का चक्काजाम, CG-24 वाहनों को टोल फ्री करने और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग

बालोद। बालोद-मानपुर चौक स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 के जमही टोल प्लाजा में शुल्क वसूली को लेकर आसपास की 12 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय वाहनों को टोल शुल्क से राहत देने और क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने टोल प्लाजा के पास चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। अधिकारियों के साथ चर्चा और 10 दिनों के भीतर उच्चाधिकारियों से मांगों पर विचार-विमर्श करने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

CG-24 वाहनों को टोल फ्री करने की मांग

ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि छत्तीसगढ़ के सीजी-24 पंजीकृत वाहनों को जमही टोल प्लाजा से निःशुल्क आवागमन की सुविधा दी जाए। इसके साथ ही आसपास की ग्राम पंचायतों के निवासियों को आधार कार्ड के आधार पर टोल शुल्क में छूट प्रदान की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि टोल प्लाजा क्षेत्र में संचालित होने के कारण स्थानीय लोगों को अपने दैनिक कार्यों के लिए बार-बार इस मार्ग से गुजरना पड़ता है। ऐसे में उन्हें टोल शुल्क से राहत मिलनी चाहिए।

स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग

टोल शुल्क में छूट के अलावा ग्रामीणों ने टोल प्लाजा में होने वाली भर्तियों में स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियों को प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में टोल प्लाजा संचालित होने से स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलने चाहिए। इससे क्षेत्र के बेरोजगारों को लाभ मिल सकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

अधिकारियों ने मांगा 10 दिनों का समय

चक्काजाम की सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से चर्चा की। अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांगों को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखने तथा इस संबंध में चर्चा करने के लिए 10 दिनों का समय मांगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।

अब उच्चाधिकारियों के निर्णय पर टिकी नजरें

फिलहाल ग्रामीणों की मांगों पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। अधिकारियों की ओर से 10 दिनों के भीतर उच्चाधिकारियों से चर्चा किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में अब ग्रामीणों की नजरें प्रशासन और टोल प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को टोल शुल्क से राहत मिल सके और क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों।

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