बालोद। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और कृषि कार्यों में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में बालोद जिले के अरौद स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के हस्तांतरण के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णकांत पवार, पवन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण और कृषि विकास के महत्व पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18,680 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करना है, ताकि कृषि कार्यों के दौरान उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।

किसानों के आर्थिक संबल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल : यज्ञदत्त शर्मा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यज्ञदत्त शर्मा ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को किसानों के आर्थिक संबल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए किसानों को समय पर आवश्यक सहयोग मिलना बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें खेती-किसानी से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से कृषि गतिविधियों को भी गति मिलती है। किसानों के हितों का संरक्षण, कृषि क्षेत्र का विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। ऐसे में किसानों को केंद्र में रखकर संचालित योजनाएं कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

किसानों तक सीधे आर्थिक सहायता पहुंचना बड़ी उपलब्धि : कृष्णकांत पवार
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णकांत पवार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को किसानों तक सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से पात्र किसानों के बैंक खातों में सीधे राशि हस्तांतरित की जाती है, जिससे सहायता राशि किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचती है।
उन्होंने कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर संचालित योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ खेती-किसानी के प्रति विश्वास बढ़ाने में भी सहायक हैं। किसानों को आर्थिक सहयोग मिलने से उन्हें कृषि संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति में मदद मिलती है। कृषि क्षेत्र का विकास और किसानों की समृद्धि देश की समग्र प्रगति से जुड़ी हुई है। इसलिए किसानों के हित में संचालित योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना आवश्यक है।
सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। योजना का उद्देश्य किसानों को खेती-किसानी से संबंधित आवश्यक खर्चों में आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
अरौद स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण, कृषि विकास और किसान कल्याणकारी योजनाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया।













