महिला मोर्चा ने की सार्वजनिक माफी की मांग, कांग्रेस नेतृत्व से सांसद को पार्टी से निष्कासित करने की मांग; महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बालोद। ‘नारी का सम्मान, राष्ट्र का सम्मान’ और ‘नारी शक्ति अब चुप नहीं रहेगी’ जैसे नारों के साथ भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, जिला बालोद ने सोमवार को जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। जय स्तंभ स्थित अटल चौक पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने मणिपुर से कांग्रेस सांसद डॉ. अगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर आयोजित किया गया था।
प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा ने संबंधित सांसद से देश की बेटियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। साथ ही कांग्रेस नेतृत्व से मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सांसद को पार्टी से निष्कासित करने की मांग भी उठाई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा एवं सम्मान से जुड़े मामलों में राजनीतिक दलों को संवेदनशीलता और जवाबदेही का परिचय देना चाहिए।
रेस्ट हाउस के पास से निकली आक्रोश रैली
जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख के निर्देशानुसार और जिला महिला मोर्चा अध्यक्ष मोना टुवानी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलेभर से महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुईं। प्रदर्शन में प्रदेश महिला मोर्चा मंत्री बिथीका विश्वास विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम की शुरुआत बिजली कार्यालय के समीप रेस्ट हाउस के पास कार्यकर्ताओं के एकत्रित होने से हुई। यहां से कार्यकर्ता हाथों में पुतला लेकर नारेबाजी करते हुए पैदल आक्रोश रैली के रूप में निकले। रैली जय स्तंभ स्थित अटल चौक पहुंची, जहां कांग्रेस सांसद और कांग्रेस नेतृत्व के विरोध में नारे लगाए गए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में राजनीतिक जिम्मेदारी तय करने और संबंधित प्रकरण पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे महिलाओं एवं छात्राओं की गरिमा के प्रति संवेदनशील रहें।

‘महिलाओं के सम्मान से समझौता बर्दाश्त नहीं’
महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारतीय समाज के संस्कारों और राष्ट्र की गरिमा से जुड़ा विषय है। महिलाओं एवं छात्राओं की अस्मिता, सुरक्षा और अधिकारों से संबंधित मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार के कथित अनुचित व्यवहार को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
कार्यकर्ताओं ने मांग की कि संबंधित कांग्रेस सांसद इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और कांग्रेस नेतृत्व भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उचित कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए, ताकि समाज में जवाबदेही का संदेश पहुंचे।
महिला मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं के सम्मान से जुड़े मामलों में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं की अस्मिता, गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
भाजपा के विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी हुए शामिल
प्रदर्शन में जिला भाजपा महामंत्री राकेश छोटू यादव, मंत्री प्रेम साहू, प्रवक्ता जितेंद्र साहू सहित नगर पालिका अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यगण उपस्थित रहे। इनके अलावा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं तथा भाजपा के विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
महिला मोर्चा के इस प्रदर्शन के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ताओं ने महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दे को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया और कांग्रेस नेतृत्व से मामले में कार्रवाई की मांग की।
ये रहे उपस्थित
प्रदर्शन में जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया, संगीता साहू, चंद्रिका गंजीर, रेखा चौहान, प्रतिमा यादव, रत्ना हिरवानी, सरोज गंगबेर, गणेश्वरी खरेंद्र, श्वेता राजपूत, छवि सार्वा और आशा पटेल सहित महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहीं।













