
रैली निकालकर पहुंचे विद्युत विभाग कार्यालय
जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत कार्यालय में सरपंचों की बैठक के बाद बालोद तहसील सरपंच संघ के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों ने रैली निकाली और विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे। सरपंचों ने बिजली आपूर्ति बहाल करने तथा पंचायतों से जुड़ी अन्य समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर अधिकारियों से चर्चा का प्रयास किया। काफी देर तक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों का आक्रोश बढ़ गया।
पुलिस द्वारा कार्यालय के बाहर लगाए गए बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ गए और बैरिकेडिंग पार कर कार्यालय परिसर में प्रवेश कर गए। इसके बाद मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया। इस दौरान सरपंचों और विद्युत विभाग के अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की। बाद में अधिकारियों द्वारा मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ।

985 कनेक्शन काटे, 83 लाख से अधिक बकाया
दरअसल, बालोद जिले में विद्युत बिलों की बकाया वसूली को लेकर सीएसपीडीसीएल ने अगस्त से विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग के अनुसार अब तक जिले में करीब 985 सरकारी और निजी संस्थानों के बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। इन उपभोक्ताओं पर कुल 83 लाख 36 हजार रुपये से अधिक की राशि बकाया थी।
कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने बकाया राशि जमा की। विभाग के मुताबिक 551 कनेक्शनधारियों ने करीब 53 लाख 52 हजार रुपये का भुगतान किया, जिसके बाद नियमानुसार उनके बिजली कनेक्शन दोबारा बहाल कर दिए गए।
कार्रवाई की जद में 218 सरकारी विभाग
बिजली बिल वसूली अभियान की खास बात यह है कि सरकारी विभाग भी इससे अछूते नहीं हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार काटे गए 985 कनेक्शनों में 218 कनेक्शन सरकारी विभागों से संबंधित हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि जिन सरकारी संस्थानों के सामने बजट आवंटन या बजट संबंधी समस्या है, उन्हें भुगतान के लिए समय दिया जा रहा है। वहीं जिन संस्थानों द्वारा बकाया भुगतान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, उनके खिलाफ नियमानुसार कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई की जा रही है।

सरपंचों ने उठाया पंचायतों की लंबित राशि का मुद्दा
विद्युत कटौती के विरोध के साथ सरपंचों ने पंचायतों की वित्तीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शन के दौरान मनरेगा की लंबित राशि जारी करने और 16वें वित्त की राशि उपलब्ध कराने की मांग की गई। सरपंचों का कहना था कि पंचायतों के पास पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण गांवों में विकास कार्य और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं।
बालोद तहसील सरपंच संघ अध्यक्ष कृष्णा साहू के नेतृत्व में सरपंचों ने अधिकारियों के समक्ष पंचायतों की समस्याएं रखीं। उनका कहना था कि पंचायतों की आर्थिक स्थिति और बिजली जैसी मूलभूत जरूरतों से जुड़े मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाना चाहिए।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
विद्युत विभाग कार्यालय में प्रदर्शन के बाद सरपंचों की रैली तहसील कार्यालय पहुंची। यहां तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर पंचायतों की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया गया। सरपंचों ने बिजली कटौती के मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप करने के साथ ही पंचायतों को मिलने वाली लंबित राशि जारी कराने की मांग की।
विभाग का स्पष्ट संदेश—बकाया जमा करें, कनेक्शन बहाल होगा
सीएसपीडीसीएल के ईई कौशलेंद्र पांडे के मुताबिक विभाग द्वारा बकाया बिजली बिलों की वसूली के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। बकाया राशि जमा होने के बाद संबंधित कनेक्शन को नियमानुसार बहाल किया जा रहा है। बजट संबंधी समस्या वाले सरकारी विभागों को भुगतान के लिए समय दिया जा रहा है, लेकिन जिन संस्थानों द्वारा लंबे समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है, उनके खिलाफ कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई जारी रहेगी।
ऐसे में बुधवार को सरपंचों का आंदोलन और दूसरी ओर विद्युत विभाग का वसूली अभियान जिले में बिजली बिल के मुद्दे को केंद्र में ले आया है। एक तरफ पंचायतें बिजली कटौती से पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी सेवाओं के प्रभावित होने का हवाला देकर तत्काल आपूर्ति बहाली की मांग कर रही हैं, वहीं विभाग बकाया भुगतान को कनेक्शन बहाली की प्रमुख शर्त बता रहा है। अब इस पूरे मामले में पंचायतों की लंबित राशि और बिजली बिलों के भुगतान के बीच समन्वय कैसे स्थापित होता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।













