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महाराष्ट्र के हिवरे बाजार में बालोद की महिला सरपंचों ने बिखेरी विकास की चमक

राष्ट्रीय मंच पर गुजरा और दुधली की सरपंचों ने साझा किए ग्रामीण विकास, महिला स्वावलंबन और नवाचार के अनुभव

बालोद। महाराष्ट्र के आदर्श ग्राम हिवरे बाजार में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय ‘आनंदी कुटुम्ब समृद्ध ग्राम’ कार्यक्रम में बालोद जिले की दो महिला सरपंचों ने अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हुए जिले के ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की तस्वीर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाई। 18 से 23 अगस्त तक आयोजित इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत गुजरा की सरपंच पार्वती मंडावी और ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच पिलेश्वरी नेताम ने देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे पंचायत प्रतिनिधियों के बीच अपने गांवों में किए जा रहे कार्यों और नवाचारों के अनुभव साझा किए।

महिला सशक्तिकरण से ग्रामीण समृद्धि तक मंथन

कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र परिवार और समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका, महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता तथा ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने जैसे विषय रहे। इस दौरान देश के अलग-अलग राज्यों से आए पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयोगों और विकास कार्यों की जानकारी साझा की।

बालोद की दोनों महिला सरपंचों ने भी अपने-अपने गांवों में चल रहे विकास कार्यों और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने न केवल अपने अनुभव सामने रखे, बल्कि राष्ट्रीय स्तर से आए प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देकर स्थानीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की उपयोगिता और संभावनाओं को भी सामने रखा।

स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

ग्राम पंचायत गुजरा की सरपंच पार्वती मंडावी ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समूह की महिलाएं सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने समूह द्वारा व्यापक स्तर पर आम के पौधों के रोपण के प्रयास की जानकारी भी राष्ट्रीय मंच पर साझा की। उनका कहना था कि ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी को केवल समूह गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आजीविका, पर्यावरण और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। पार्वती मंडावी ने हिवरे बाजार के विकास मॉडल से प्रभावित होकर अपने समूह की अन्य महिलाओं को भी यहां अध्ययन भ्रमण कराने की इच्छा जताई, ताकि वे यहां अपनाए गए सफल प्रयोगों को अपने गांव में लागू कर सकें।

कौशल विकास से युवाओं को मिल रहे स्वरोजगार के अवसर

ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच पिलेश्वरी नेताम ने शासन की ओर से संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रभाव को राष्ट्रीय मंच पर रखा। उन्होंने बताया कि कौशल आधारित प्रशिक्षण से गांवों के युवाओं और युवतियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए तो रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन को कम करने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा सकता है। कौशल विकास की पहल महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

हिवरे बाजार से सीखने और गांवों में लागू करने की पहल

महाराष्ट्र का हिवरे बाजार लंबे समय से ग्रामीण विकास, जल संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता के प्रयासों के लिए जाना जाता है। इसी विकास मॉडल को करीब से समझने और उससे सीख लेने के उद्देश्य से आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में बालोद की महिला पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता जिले के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान दोनों सरपंचों को देश के विभिन्न क्षेत्रों में पंचायतों द्वारा किए जा रहे कार्यों को समझने और दूसरे राज्यों के प्रतिनिधियों के अनुभव जानने का अवसर मिला। इससे स्थानीय स्तर पर नए प्रयोगों को अपनाने और ग्रामीण विकास की योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने की संभावनाएं भी बनी हैं।

राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा बालोद का ग्रामीण विकास मॉडल

बालोद जिले की दोनों महिला सरपंचों की राष्ट्रीय स्तर के इस कार्यक्रम में सहभागिता को पंचायती राज व्यवस्था में महिला नेतृत्व की बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। गांवों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और युवाओं को कौशल आधारित अवसर उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर उनके अनुभवों ने बालोद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे प्रयासों को व्यापक मंच प्रदान किया।

जिला प्रशासन और जिला पंचायत के मार्गदर्शन में पंचायत प्रतिनिधियों को लगातार प्रोत्साहित किए जाने से स्थानीय स्तर के अनुभवों को राष्ट्रीय मंचों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है। हिवरे बाजार में पार्वती मंडावी और पिलेश्वरी नेताम की सहभागिता इसी क्रम में बालोद जिले के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सामने आई है।

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