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झलमला में NH-930 चौड़ीकरण का विरोध: ग्रामीण बोले—विकास चाहिए, लेकिन घर-दुकान उजाड़कर नहीं

बालोद। झलमला कस्बे से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-930 (धमतरी मार्ग) के प्रस्तावित चौड़ीकरण को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय व्यापारियों की चिंता अब विरोध में बदलती नजर आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा अलाइनमेंट के अनुसार सड़क चौड़ीकरण किया गया तो कस्बे की घनी आबादी में बड़ी संख्या में पक्के मकान, दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित हो सकते हैं। इससे सैकड़ों परिवारों के सामने आवास और व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने की आशंका है।

इसी समस्या के समाधान की मांग को लेकर झलमला के सरपंच, पंचायत प्रतिनिधि, स्थानीय व्यापारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव तथा कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे सड़क विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की ऐसी योजना चाहते हैं जिसमें आम लोगों के घर और आजीविका कम से कम प्रभावित हों।

अलाइनमेंट बदलने या बाईपास बनाने की मांग

ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि झलमला की मौजूदा आबादी और बाजार क्षेत्र काफी घना है। ऐसे में वर्तमान नक्शे के अनुसार चौड़ीकरण होने पर कई परिवारों और व्यापारियों की संपत्तियां इसकी जद में आ सकती हैं। ग्रामीणों ने सड़क के अलाइनमेंट का दोबारा परीक्षण कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर कस्बे के बाहर बाईपास बनाने का सुझाव दिया है।

दोनों ओर समान चौड़ीकरण की मांग

ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि सड़क के डिवाइडर के मध्य से नाप कर दोनों ओर समान रूप से चौड़ीकरण किया जाए, ताकि किसी एक दिशा में रहने वाले लोगों और व्यापारियों पर असमान प्रभाव न पड़े। उनका कहना है कि तकनीकी रूप से संभव हो तो वर्तमान अलाइनमेंट में आवश्यक सुधार कर अधिक से अधिक आबादी और व्यावसायिक क्षेत्र को बचाया जाना चाहिए।

विकास भी हो और लोगों का नुकसान भी न हो

ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग का विकास क्षेत्र की जरूरत है और वे इसके खिलाफ नहीं हैं। लेकिन सड़क निर्माण की कीमत स्थानीय परिवारों की वर्षों की मेहनत से बनी संपत्तियों और व्यापार को उजाड़कर नहीं चुकाई जानी चाहिए। उनका आग्रह है कि विभागीय अधिकारी मौके की वास्तविक स्थिति को देखते हुए सर्वे और प्रस्तावित अलाइनमेंट का पुनरीक्षण करें तथा ऐसा व्यावहारिक विकल्प तलाशें, जिससे सड़क का विकास भी हो और लोगों का विस्थापन भी कम से कम हो।

मांग नहीं मानी तो चक्काजाम की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम कर आंदोलन किया जा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी जमीन, घर और आजीविका की सुरक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

उप मुख्यमंत्री और सांसद ने दिया समाधान का भरोसा

ज्ञापन प्राप्त करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव और सांसद भोजराज नाग ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। दोनों जनप्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि मामले को संबंधित विभागीय अधिकारियों और एनएचएआई के समक्ष रखा जाएगा तथा जनहित में उचित और व्यावहारिक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान झलमला पंचायत के जनप्रतिनिधि थान सिंह ठाकुर, भाजपा नेता पालक ठाकुर, आदित्य दुबे, रामप्रसाद साहू, कोमल साहू, आशीष साहू, प्यारे लाल कौशिक, नूतन तिवारी, राम गुलाल साहू, रमेश साहू, खिलावन साहू, मनीष साहू, महेश्वर आदिल सहित स्थानीय व्यापारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

 

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