नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत राज्य में डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 3,942 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस योजना से 11,682 ग्राम पंचायतों को भारतनेट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जबकि 8,328 गांवों में मांग के आधार पर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है।
इस संबंध में 18 अगस्त को नई दिल्ली स्थित संचार भवन में डिजिटल भारत निधि (डीबीएन), दूरसंचार विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार, छत्तीसगढ़ स्टेट भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (सीएसबीआईएल), भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौते के तहत छत्तीसगढ़ में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम का क्रियान्वयन सीएसबीआईएल के माध्यम से किया जाएगा। योजना में प्रथम चरण की 4,048 ग्राम पंचायतों के मौजूदा नेटवर्क को लीनियर से रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही दूसरे चरण की 5,964 ग्राम पंचायतों को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा और 1,670 नवगठित ग्राम पंचायतों को भी भारतनेट के दायरे में शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम का प्रमुख फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने पर है। इसके तहत 8,328 गांवों को मांग के आधार पर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का अनुमान है कि भारत सरकार की वित्तीय सहायता से तीन लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक फाइबर कनेक्शन पहुंच सकेगा।
डिजिटल सेवाओं को मिलेगा विस्तार
भारतनेट के इस विस्तार से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, डिजिटल भुगतान और नागरिक-केंद्रित ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। मजबूत ब्रॉडबैंड नेटवर्क से ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के उपयोग के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 अगस्त 2023 को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य मौजूदा भारतनेट नेटवर्क को अपग्रेड, मजबूत और विस्तारित कर ग्राम पंचायतों और गांवों में मांग के आधार पर तेज और भविष्य के लिए तैयार ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

केंद्र और राज्य के बीच साझेदारी
समझौते को छत्तीसगढ़ में ग्रामीण डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके जरिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ बीएसएनएल तथा संबंधित तकनीकी संस्थाओं के बीच समन्वय के माध्यम से भारतनेट परियोजना को तेजी से जमीन पर उतारने का प्रयास किया जाएगा।
डिजिटल भारत निधि के तहत भारतनेट के अलावा 4जी संतृप्ति परियोजना और ऐसे ग्रामीण, दूरस्थ, सीमावर्ती तथा अन्य क्षेत्रों में मोबाइल सेवाओं के विस्तार से जुड़ी परियोजनाओं को भी वित्तीय सहायता दी जाती है, जहां दूरसंचार सेवाओं की पहुंच अभी सीमित है।
छत्तीसगढ़ में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य ग्रामीण आबादी को बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी से जोड़ना और गांवों तक डिजिटल सुविधाओं की पहुंच को मजबूत बनाना है। इससे राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा मिलने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में ऑनलाइन सुविधाओं का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।











