बालोद। प्रशासनिक बैठकों में अधिकारियों के सवालों का जवाब देने के दौरान अनुशासन और शासकीय मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। बालोद जिले में इसी जिम्मेदारी के उल्लंघन के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए एक कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला बालोद द्वारा जारी आदेश के अनुसार ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (पुरुष) के पद पर पदस्थ यशवंत कुमार साहू को निलंबित किया गया है।

जारी आदेश के मुताबिक 13 अगस्त 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गुण्डरदेही में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की जा रही थी। इसी दौरान उप स्वास्थ्य केंद्र चंदनबिरी की राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में कम उपलब्धि के संबंध में स्वास्थ्य संस्था में पदस्थ यशवंत कुमार साहू से जानकारी मांगी गई। आदेश में उल्लेख है कि जानकारी लेने के दौरान उनके द्वारा कलेक्टर के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया, जिसे शासकीय सेवक के पद की गरिमा के प्रतिकूल और गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी का कृत्य माना गया।
प्रशासन ने मामले को महज व्यवहार संबंधी गलती न मानते हुए इसे शासकीय सेवा अनुशासन का गंभीर उल्लंघन माना है। आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1)(iii) का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि शासकीय सेवक के लिए ऐसे आचरण से बचना आवश्यक है जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो। साथ ही प्रथम दृष्टया कृत्य को गंभीर कदाचार एवं अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना गया है।
इसी आधार पर यशवंत कुमार साहू को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डौंडी, जिला बालोद निर्धारित किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान वे सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि में कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, जबकि सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ने पर वह भत्ते की पात्रता से वंचित हो सकता है। साथ ही आदेश में यह भी कहा गया है कि यशवंत कुमार साहू के विरुद्ध पृथक से विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही नियमानुसार की जाएगी।
यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक जवाबदेही और शासकीय अनुशासन को लेकर जिला प्रशासन के सख्त रुख का संकेत मानी जा रही है। खास तौर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के दौरान सामने आए इस मामले में प्रशासन ने कर्मचारी के व्यवहार और कार्यप्रणाली दोनों को गंभीरता से लिया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और इसकी प्रतिलिपि स्वास्थ्य संचालनालय, संभागीय संयुक्त संचालक, कलेक्टर, संबंधित खंड चिकित्सा अधिकारी तथा संबंधित कर्मचारी को आवश्यक कार्रवाई और पालन के लिए भेजी गई है।











