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विदाई के बहाने यादों का कारवां, अफसरों ने कहा—टीमवर्क ही प्रशासन की असली ताकत

स्थानांतरण के अवसर पर राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों का विदाई-सह सम्मान समारोह, सेवाकाल के अनुभवों के साथ जनसेवा का संदेश

बालोद। प्रशासनिक सेवा में तबादला भले ही एक सामान्य प्रक्रिया हो, लेकिन वर्षों तक साथ काम करने वाले साथियों से विदाई का पल भावुक कर देता है। जिला मुख्यालय में आयोजित राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों के विदाई-सह सम्मान समारोह में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। स्थानांतरित हो रहे अधिकारियों ने बालोद में बिताए अपने कार्यकाल की यादें साझा कीं तो कहीं उपलब्धियों का जिक्र हुआ, कहीं चुनौतियों का और कहीं साथियों के सहयोग के प्रति आभार।

समारोह में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं। उन्होंने स्थानांतरित अधिकारियों की कार्यशैली, कर्तव्यनिष्ठा और प्रशासनिक योगदान की सराहना करते हुए नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में स्थानांतरण नए अनुभवों और नई जिम्मेदारियों के साथ सीखने का अवसर भी देता है।

कलेक्टर ने बालोद को राष्ट्रीय स्तर पर मिली उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले को मिली पहचान किसी एक अधिकारी या विभाग की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरी प्रशासनिक टीम की मेहनत, बेहतर समन्वय और टीम भावना का परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से भविष्य में भी इसी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ जनसेवा जारी रखने की अपेक्षा जताई।

“बालोद में मिला लंबा कार्यकाल, हर चुनौती ने कुछ नया सिखाया”—चंद्रकांत कौशिक

अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने बालोद में अपने सेवाकाल को याद करते हुए कहा कि यहां उनका राज्य प्रशासनिक सेवा का सबसे लंबा कार्यकाल रहा। उन्होंने कहा कि इस दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिला और हर चुनौती ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को समझने और सीखने का नया अनुभव दिया।

उन्होंने विधानसभा, लोकसभा और पंचायत चुनावों के दौरान राजस्व अमले द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। कौशिक ने कहा कि तहसीलदार से लेकर पटवारी तक राजस्व व्यवस्था की हर कड़ी महत्वपूर्ण है। जब पूरी टीम एक-दूसरे के साथ खड़ी होती है तो कठिन से कठिन जिम्मेदारी भी व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सकती है।

उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों से तनाव के बजाय समन्वय और टीम भावना के साथ काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशासन में व्यक्तिगत उपलब्धि से ज्यादा महत्वपूर्ण सामूहिक प्रयास होता है।

“बालोद में मिला परिवार जैसा माहौल”—प्राची ठाकुर

डिप्टी कलेक्टर प्राची ठाकुर ने करीब साढ़े चार वर्ष के सेवाकाल को याद करते हुए कहा कि बालोद जिला प्रशासन में उन्हें परिवार जैसा माहौल मिला। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और मैदानी अमले के सहयोग के बिना प्रशासनिक जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाना संभव नहीं था।

उन्होंने बारिश और बाढ़ जैसी आपात परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे समय में अधिकारी और कर्मचारी लगातार मैदान में डटे रहे। कठिन परिस्थितियों में भी टीम ने मिलकर लोगों तक प्रशासनिक मदद पहुंचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बालोद में काम करने का अनुभव उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।

“सकारात्मक सोच के साथ काम करेंगे तो हर चुनौती आसान”—अजय किशोर लकड़ा

अपर कलेक्टर अजय किशोर लकड़ा ने कहा कि राजस्व सेवा में परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। कभी सामान्य प्रशासनिक कार्य सामने होते हैं तो कभी चुनाव, कानून-व्यवस्था या आपदा जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां सामने आ जाती हैं। ऐसे समय में जिम्मेदारी से पीछे हटने के बजाय टीम के साथ मिलकर समाधान तलाशना जरूरी है।

उन्होंने युवा अधिकारियों और कर्मचारियों को संदेश देते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्य में सकारात्मक सोच बनाए रखना बेहद जरूरी है। तनाव के बीच भी मुस्कुराते हुए और संवेदनशीलता के साथ जनता की सेवा करने की भावना ही प्रशासन को प्रभावी बनाती है।

राजस्व अमले के सहयोग को किया याद

समारोह में डिप्टी कलेक्टर प्रतिमा ठाकरे ने कहा कि राजस्व कार्य किसी एक अधिकारी के प्रयास से पूरा नहीं होता। तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और भू-अभिलेख शाखा सहित पूरी टीम के समन्वय से प्रशासनिक व्यवस्था आगे बढ़ती है। उन्होंने चुनाव, कानून-व्यवस्था और आपात परिस्थितियों में राजस्व अमले द्वारा निभाई गई जिम्मेदारियों को याद करते हुए सहयोग के लिए आभार जताया।

डिप्टी कलेक्टर सुरेश कुमार साहू और तहसीलदार कोमल ध्रुव ने भी बालोद में अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए। अधिकारियों ने कहा कि यहां काम के दौरान मिले सहयोग और आत्मीयता को वे लंबे समय तक याद रखेंगे।

चुनाव से लेकर आपदा तक साथ खड़ी रही प्रशासनिक टीम

समारोह में विधानसभा, लोकसभा और पंचायत चुनावों को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में प्रशासनिक टीम की भूमिका को भी याद किया गया। बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों में मैदानी स्तर पर किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन की वास्तविक ताकत उसकी टीम है।

विदाई समारोह में अपर कलेक्टर नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष, एसडीएम शिवनाथ बघेल, सहायक वन संरक्षक डिकेन्द्र नेताम, तहसीलदार हनुमंत श्याम, संध्या नामदेव, देवेन्द्र नेताम, हेमंत पैकरा, चंद्रशेखर चंद्राकर, दीपक चंद्राकर सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

 

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