Skip to main content

प्रदेश रूचि

करोड़ों की सड़क पहली बारिश में ही उखड़ी, 60 से ज्यादा जगह डामर खराब; ग्रामीणों के सवालों के बीच विभाग की भूमिका पर सवाल

बालोद। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 12.21 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जा रही सांकरा-बरही-नारागांव-गुरुर सड़क निर्माण के समय से ही गुणवत्ता को लेकर सवालों में रही है। ग्रामीणों की शिकायतों और जनप्रतिनिधियों द्वारा गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने के बाद अब पहली बारिश में सड़क की स्थिति और खराब होने लगी है। कई जगह डामर उखड़ने के साथ सड़क की गिट्टियां किनारे फैल गई हैं।


ग्रामीणों के अनुसार ग्राम बरही के प्रवेश से तालाब तक कई जगह डामर उखड़ गया है। वहीं सांकरा से नारागांव के बीच करीब 60 से अधिक स्थानों पर सड़क की परत उखड़ने की बात सामने आई है। कई जगह गड्ढे भी बन गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जहां पहले गड्ढों को भरने का काम किया गया था, वहां भी बारिश के बाद दोबारा खराबी दिखाई देने लगी है।
निर्माण शुरू होने से ही उठ रहे थे सवाल
सड़क निर्माण की शुरुआत से ही स्थानीय ग्रामीणों ने गुणवत्ता को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक संगीता सिन्हा भी मौके पर पहुंची थीं और सड़क निर्माण का जायजा लेकर अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ काम कराने के निर्देश दिए थे। वहीं जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू और जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने भी सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए थे। यह मामला जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में भी उठ चुका है।
इसके बावजूद अब पहली बारिश में ही सड़क के कई हिस्सों में डामर उखड़ने से ग्रामीणों ने फिर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि अभी सड़क की यह स्थिति है तो आगे बारिश में हालत और खराब हो सकती है।


अधिकारी बोले- अभी सीलिंग का काम बाकी
मामले में पीएमजीएसवाय के अधीक्षण अभियंता बलवंत पटेल ने बताया कि अभी सड़क पर सीलिंग का काम नहीं हुआ है, फिलहाल बीएम का काम हुआ है। ऊपर की लेयर अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि सड़क पर ट्रैफिक के कारण भी नुकसान हुआ होगा। बीच में डामर की कमी आने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने बताया कि गड्ढों की स्थिति देखने के लिए आज किसी कर्मचारी को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। जहां संभव होगा, वहां सुधार कराया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जहां डब्ल्यूबीएम का काम नहीं हो पाया है और गड्ढे हो गए हैं, उन्हें भी सुधारने के लिए कहा गया था, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। खेतों तक पहुंचने के लिए एप्रोच रोड बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।


बारिश के बाद सड़क की हालत पर रहेगी नजर

ग्रामीणों की शिकायत और सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब विभाग मौके का निरीक्षण कर क्या सुधार करता है, इस पर  नजर रहेगी। वही ग्रामीणों ने सड़क का काम पूरा करने से पहले खराब हिस्सों को ठीक कराने और इस पूरे निर्माण की गुणवत्ता की सूक्ष्मता से जांच कराने की मांग की है। बहरहाल देखना होगा मामले पर विभाग आगे क्या रुख अख्तियार करती है ।क्या इस गुणवत्ताहीन सड़क की जांचकर खराब सड़क का उचित सुधार किया जाएगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!