निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप धान संग्रहण केंद्र से लगी खाली भूमि का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि मंडी का निर्माण इस तरह किया जाए कि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने विशेष रूप से वाहनों की पार्किंग, प्रवेश एवं निकास मार्ग और मंडी परिसर में ट्रैफिक प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े होने के कारण मंडी में आने वाले किसी भी वाहन को मुख्य सड़क पर खड़ा होने की आवश्यकता नहीं पड़नी चाहिए। इसके लिए पर्याप्त पार्किंग और सुव्यवस्थित आवागमन की योजना तैयार की जाए।
कलेक्टर ने मंडी सचिव को एसडीएम और तहसीलदार के समन्वय से प्रस्तावित स्थल का नक्शा तैयार कराने के निर्देश भी दिए, ताकि निर्माण प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि ग्राम सभा द्वारा नई कृषि उपज मंडी के निर्माण के लिए लगभग 30 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का विधिवत अनुमोदन किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।




















