पदभार ग्रहण करने के बाद पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, एसडीओपी, थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के प्रभारियों के साथ परिचयात्मक बैठक की। बैठक में अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग की वर्तमान स्थिति और प्रमुख चुनौतियों से अवगत कराया। श्री चव्हाण ने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने, आमजन से बेहतर संवाद स्थापित करने तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

किसान परिवार से निकलकर इंजीनियरिंग, फिर यूपीएससी और आईपीएस तक का प्रेरणादायी सफर
महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के एक साधारण किसान परिवार से आने वाले किरण गंगाराम चव्हाण ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्ष 2018 बैच में भारतीय पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया। छत्तीसगढ़ कैडर मिलने के बाद उन्होंने अपने सेवाकाल की शुरुआत प्रशिक्षु अधिकारी के रूप में बिलासपुर से की। इसके बाद नगर पुलिस अधीक्षक, जगदलपुर तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑपरेशन), सुकमा जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दीं।
सुकमा में प्रभावी पुलिसिंग से बनाई अलग पहचान
बाद में सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य करते हुए श्री चव्हाण ने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में प्रभावी पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, जनसहभागिता बढ़ाने और मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर अपनी अलग पहचान बनाई। कठिन परिस्थितियों में उनके नेतृत्व और रणनीतिक कार्यशैली की व्यापक सराहना हुई।
एफआईसीसीआई परफॉर्मिंग ऑफिसर अवार्ड से हुए सम्मानित
उत्कृष्ट पुलिसिंग, नक्सल विरोधी अभियानों में प्रभावी नेतृत्व तथा मादक पदार्थों के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्रवाई के लिए किरण गंगाराम चव्हाण को वर्ष 2024 में एफआईसीसीआई परफॉर्मिंग ऑफिसर अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान उन्हें सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश के हाथों प्रदान किया गया था। यह सम्मान उनकी पेशेवर दक्षता और उत्कृष्ट पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है।

योगेश कुमार पटेल के कार्यकाल को भी मिली सराहना
निवर्तमान पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने अपने कार्यकाल के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, यातायात व्यवस्था में सुधार, साइबर अपराधों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, विभिन्न आपराधिक मामलों के त्वरित खुलासे तथा सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए। उनके कार्यकाल में पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद स्थापित हुआ, जिसकी प्रशासनिक एवं सामाजिक स्तर पर सराहना की गई। अब उनके स्थानांतरण के बाद जिले की जिम्मेदारी किरण गंगाराम चव्हाण के हाथों में आ गई है।
बालोद पुलिस परिवार ने किया आत्मीय स्वागत
पदभार ग्रहण के अवसर पर बालोद पुलिस परिवार ने नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक का आत्मीय स्वागत करते हुए उनके सफल, जनहितकारी और प्रभावी कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, एसडीओपी बालोद बोनिफास एक्का, एसडीओपी गुंडरदेही राजेश बागड़े, एसडीओपी गुरूर माया शर्मा, डीएसपी मुख्यालय श्रुति सिंह, सीएसपी दल्लीराजहरा विकास पाटले, रक्षित निरीक्षक रेवती वर्मा सहित जिले के सभी थाना प्रभारी एवं पुलिस कार्यालय के अधिकारी उपस्थित रहे।
अब इन चुनौतियों पर रहेगी नजर
बालोद के नए पुलिस अधीक्षक के रूप में किरण गंगाराम चव्हाण के सामने जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना, जुआ-सट्टा, अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना प्रमुख चुनौती होगी। साथ ही आमजन और पुलिस के बीच विश्वास एवं संवाद को और मजबूत बनाने की दिशा में भी उनसे नई पहल की उम्मीद की जा रही है। प्रशासनिक हलकों और जिलेवासियों को विश्वास है कि सुकमा जैसे चुनौतीपूर्ण जिले का अनुभव बालोद में बेहतर पुलिसिंग की नई दिशा तय करेगा।




















