रायपुर/बालोद। विधायक कॉलोनी के लिए ग्राम पंचायत नकटी में प्रस्तावित भूमि को लेकर चल रहे विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता, छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष एवं संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा तथा गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को अलग-अलग पत्र लिखकर विधायक कॉलोनी के लिए ग्राम पंचायत नकटी में आवंटित भूमि को परिवर्तित कर नया रायपुर अथवा किसी अन्य उपयुक्त एवं केंद्रीय स्थान पर आवंटित किए जाने की मांग की है।
दोनों जनप्रतिनिधियों ने अपने पत्र में कहा है कि वर्तमान में विधायक कॉलोनी के लिए ग्राम पंचायत नकटी में भूमि आवंटित की गई है, लेकिन इस निर्णय का स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों द्वारा व्यापक विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि ग्रामीण लगातार अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं, इसके बावजूद प्रशासन द्वारा उन्हें विश्वास में लिए बिना भूमि खाली कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, जिससे क्षेत्र में असंतोष की स्थिति बन रही है।

संगीता सिन्हा ने अपने पत्र में स्पष्ट शब्दों में लिखा है कि “सैकड़ों ग्रामीणों का आशियाना उजाड़कर बनने वाली आवासीय विधायक कॉलोनी में रहना उचित नहीं समझती हूं।” उन्होंने कहा कि विकास कार्य जनता की सहमति, विश्वास और संवेदनाओं के अनुरूप होने चाहिए। यदि किसी परियोजना के कारण बड़ी संख्या में लोगों का विस्थापन हो रहा हो और उसका स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा हो, तो सरकार को उस पर गंभीरता से पुनर्विचार करना चाहिए।

इसी प्रकार गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने भी मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में जनहित और मानवीय संवेदनाओं का हवाला देते हुए कहा है कि सैकड़ों ग्रामीणों का आशियाना उजाड़कर बनने वाली विधायक कॉलोनी में रहना उचित नहीं होगा। उन्होंने आग्रह किया कि ग्राम पंचायत नकटी के स्थान पर ऐसा वैकल्पिक स्थल चयनित किया जाए, जहां किसी ग्रामीण को विस्थापन का सामना न करना पड़े।

दोनों विधायकों ने अपने पत्र में नया रायपुर को विधायक कॉलोनी के लिए अधिक उपयुक्त विकल्प बताया है। उनका कहना है कि नया रायपुर प्रशासनिक दृष्टि से सुव्यवस्थित, सुविधाजनक और केंद्रीय क्षेत्र है, जहां विधायकों के लिए आवासीय परिसर विकसित करना अधिक व्यावहारिक होगा। इससे एक ओर विधायकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो दूसरी ओर ग्रामीणों की भूमि और आशियाना भी सुरक्षित रहेगा।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सरकार यदि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए वैकल्पिक भूमि का चयन करती है, तो इससे अनावश्यक विवाद समाप्त होगा और जनहित के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का सकारात्मक संदेश जाएगा।

गौरतलब है कि विधायक कॉलोनी के लिए नकटी में प्रस्तावित भूमि को लेकर पिछले कुछ समय से ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। इसी बीच कांग्रेस के दो विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री को अलग-अलग पत्र लिखकर स्थल परिवर्तन की मांग किए जाने से इस मुद्दे ने राजनीतिक महत्व भी हासिल कर लिया है। अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या निर्णय लेती है और ग्रामीणों की आपत्तियों के बीच विधायक कॉलोनी के प्रस्ताव को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।




















