74,039 बच्चों को पिलाई गई ‘दो बूंद जिंदगी की’, अब अगले दो दिन घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
बालोद। राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान के तहत रविवार को जिलेभर में आयोजित “बूथ दिवस” के साथ अभियान का सफल शुभारंभ हुआ। स्वास्थ्य विभाग की व्यापक तैयारियों, स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रियता और अभिभावकों के उत्साहपूर्ण सहयोग के चलते पहले ही दिन जिले ने 95.39 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर उल्लेखनीय सफलता दर्ज की। अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष तक के 74,039 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर उन्हें पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान की गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने बताया कि जिले में कुल 77,617 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। पहले दिन बूथों पर पहुंचे बच्चों को “दो बूंद जिंदगी की” पिलाकर अभियान को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया गया।
जिलेभर के 743 बूथों पर उमड़ा जनसहयोग
अभियान के लिए जिले के सभी विकासखंडों में 743 पोलियो बूथ स्थापित किए गए थे। सुबह से ही इन बूथों पर बच्चों को लेकर अभिभावकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। स्वास्थ्यकर्मियों ने बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने के साथ-साथ अभिभावकों को नियमित टीकाकरण एवं पोलियो उन्मूलन के महत्व की भी जानकारी दी।
2,531 स्वास्थ्यकर्मियों ने संभाली जिम्मेदारी
अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की थीं। जिलेभर में 2,531 स्वास्थ्यकर्मी एवं टीम सदस्य तैनात किए गए, जबकि 96 पर्यवेक्षकों ने विभिन्न बूथों का निरीक्षण कर अभियान की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिनभर लगातार मॉनिटरिंग भी की गई।
डौंडी सबसे आगे, गुंडरदेही में सर्वाधिक बच्चों को मिली खुराक
विकासखंडवार उपलब्धियों में डौंडी विकासखंड ने 96.41 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं गुंडरदेही विकासखंड में सर्वाधिक 18,407 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई।

विकासखंडवार उपलब्धि
| विकासखंड | लक्ष्य | लाभांवित बच्चे | उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| बालोद | 11,745 | 11,171 | 95.11% |
| डौंडी | 14,588 | 14,065 | 96.41% |
| डौंडी लोहारा | 18,577 | 17,602 | 94.75% |
| गुंडरदेही | 19,272 | 18,407 | 95.51% |
| गुरूर | 13,435 | 12,794 | 95.23% |
| कुल | 77,617 | 74,039 | 95.39% |
ट्रांजिट टीमों ने राह चलते बच्चों तक पहुंचाई सुरक्षा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बस स्टैंड, प्रमुख बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष ट्रांजिट टीमों की तैनाती की गई थी। इन टीमों ने यात्रा कर रहे अथवा सार्वजनिक स्थानों पर मिले 1,481 बच्चों को भी पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया।
अब अगले दो दिन चलेगा घर-घर अभियान
सीएमएचओ डॉ. जे.एल. उइके ने बताया कि जो बच्चे किसी कारणवश पहले दिन बूथ तक नहीं पहुंच सके, उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीमें अगले दो दिनों तक घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाएंगी। अभियान का उद्देश्य जिले के एक भी बच्चे को पोलियो सुरक्षा कवच से वंचित नहीं रहने देना है।
उन्होंने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई बच्चा पहले दिन पोलियो की खुराक नहीं पी सका है, तो घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीम का पूरा सहयोग करें। प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की दवा पहुंचाना ही स्वस्थ, सुरक्षित और पोलियो मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।




















