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बालोद पुलिस ने अंतर्राज्यीय डीजल चोर गिरोह का किया भंडाफोड़, 11 आरोपी गिरफ्तार

6 वाहन, टैंकर, 490 लीटर डीजल, 37 गेलन और नकदी जब्त; मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र तक फैला था नेटवर्क

बालोद। जिले में लगातार हो रही डीजल चोरी की घटनाओं पर बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतर्राज्यीय डीजल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में नौ और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इससे पहले दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। इस तरह अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर छह वाहन, एक टैंकर, भारी मात्रा में चोरी का डीजल, प्लास्टिक गेलन, मोबाइल फोन तथा नकदी सहित लाखों रुपये की सामग्री जब्त की गई है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह का नेटवर्क मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र तक फैला हुआ था। आरोपी देर रात सड़क किनारे खड़े ट्रकों और बसों को निशाना बनाकर उनके डीजल टैंकों से ईंधन चोरी करते थे और बाद में उसे अवैध रूप से बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे।

विशेष टीम गठित कर की गई कार्रवाई

लगातार सामने आ रही डीजल चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश पटेल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी बालोद बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई। निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा और साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य के नेतृत्व में गठित टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी।

पहले दो आरोपियों की गिरफ्तारी से खुली पूरे गिरोह की परतें

पुलिस ने 13 जून 2026 को नाकेबंदी के दौरान शिवपाल उर्फ शिवा वाल्मिकी और देवेन्द्र विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से स्विफ्ट डिजायर कार, सुमो गोल्ड, स्कॉर्पियो, मोबाइल फोन तथा लगभग 490 लीटर चोरी का डीजल बरामद किया गया था। जब्त सामग्री की कीमत लगभग 5.51 लाख रुपये आंकी गई थी।

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जानकारी दी। इसके बाद साइबर सेल और थाना बालोद की संयुक्त टीम को सूचना मिली कि गिरोह के कई सदस्य रायपुर के उरला क्षेत्र स्थित एक किराये के मकान में छिपे हुए हैं। पुलिस ने दबिश देकर आठ आरोपियों को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद पूरे गिरोह का खुलासा हो गया।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के दुपाड़ा गांव के एक व्यक्ति ने उन्हें बताया था कि भिलाई निवासी गणेश साव चोरी का डीजल खरीदकर अच्छा कमीशन देता है। इसके बाद गिरोह के सदस्य छत्तीसगढ़ आने लगे और ट्रकों एवं बसों से डीजल चोरी का सिलसिला शुरू हो गया।

गणेश साव चोरी के लिए प्लास्टिक गेलन और पाइप उपलब्ध कराता था। गिरोह के सदस्य स्विफ्ट डिजायर और स्कॉर्पियो जैसे वाहनों से रात के समय सुनसान स्थानों पर पहुंचते, ट्रकों और बसों के डीजल टैंकों के ताले तोड़कर डीजल निकालते और उसे प्लास्टिक गेलनों में भरकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाते थे। बाद में चोरी का डीजल टैंकर के माध्यम से ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था।

कई स्थानों पर वारदातें स्वीकार कीं

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 3 जून से 7 जून तथा 10 और 11 जून के बीच लाटाबोड़, नेवारीखुर्द, जगतरा, अर्जुन्दा और कुम्हारी क्षेत्र में कई ट्रकों और बसों से डीजल चोरी की। चोरी किया गया डीजल बाद में गणेश साव को सौंपा जाता था, जहां से उसकी अवैध बिक्री की जाती थी।

बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मध्यप्रदेश पंजीयन की दो स्कॉर्पियो, एक टैंकर, तीन मोबाइल फोन, 37 प्लास्टिक गेलन, 40 हजार रुपये नकद तथा चोरी में प्रयुक्त अन्य सामग्री जब्त की है। आरोपी वीरेंद्र सिंह के कब्जे से जब्त टैंकर का उपयोग चोरी का डीजल खरीदकर परिवहन करने में किया जाता था।

सभी आरोपी भेजे गए जेल

मामले में पर्याप्त साक्ष्य, गवाहों के बयान, घटनास्थल निरीक्षण, मेमोरेंडम कथन और जब्त सामग्री के आधार पर पुलिस ने नौ आरोपियों को 17 जून को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को 18 जून को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका

इस अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा करने में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, उपनिरीक्षक देवकुमार कोर्राम, साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य सहित थाना बालोद और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अभियान में प्रधान आरक्षक हरिश्चंद्र सिन्हा, संजय सोनी, बनवाली साहू, भूपेश कुमार साहू, लक्ष्मण साहू, विवेक शाही, संदीप यादव, राहुल मनहरे, आकाश सोनी, आकाश दुबे, पुरन देवांगन, विपिन गुप्ता, गुलजारी साहू, भोपसिंह साहू सहित अन्य पुलिसकर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही।

इस कार्रवाई को बालोद जिले में डीजल चोरी के मामलों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सबसे प्रभावी कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि गिरोह के पकड़े जाने से जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में डीजल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

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