समारोह में नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष नीरज चांडक, महासचिव करण बूब, संगठन मंत्री धीरज भट्टड़ सहित पूरी प्रदेश कार्यकारिणी ने भगवान महेश को साक्षी मानकर समाज सेवा और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की शपथ ली। कार्यक्रम में अखिल भारतीय माहेश्वरी महिला मंडल की अध्यक्ष ज्योति राठी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। वहीं छत्तीसगढ़ माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष सुरेश मूंदड़ा और प्रांतीय महिला अध्यक्ष रूपा मूंदड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नरेश चांडक ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महेश की पूजा-अर्चना और वंदना से हुआ। इस दौरान महेश नवमी पर्व की महत्ता और उसके इतिहास को नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। समाज की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ देश के विकास और जनभागीदारी से जुड़े संदेशों को भी रचनात्मक मंचन के जरिए दर्शाया गया।
समारोह केवल औपचारिक शपथ ग्रहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह समाज के भविष्य पर गंभीर चिंतन का मंच भी बना। वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक सेवा, युवा नेतृत्व, संस्कृति संरक्षण और संगठन की भूमिका पर अपने विचार रखे। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए युवाओं की भागीदारी को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया।
शपथ ग्रहण के बाद नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी की पहली बैठक आयोजित हुई, जिसमें आगामी वर्षों की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में खेलकूद प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक आयोजन, धार्मिक यात्राएं, गौ सेवा, सामाजिक जागरूकता अभियान तथा शिक्षा को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं की रुचियों को पहचानकर उनके करियर मार्गदर्शन और काउंसलिंग की दिशा में कार्य करने पर भी सहमति बनी।
बैठक में आगामी महेश नवमी महोत्सव को प्रदेश स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित करने की रणनीति बनाई गई। इसके लिए एनू टावरी को संयोजक और मीनल गिलड़ा को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई।

संगठन विस्तार के तहत दो महत्वपूर्ण नई जिम्मेदारियां भी घोषित की गईं। लोकेश राठी (सुकमा) को प्रांतीय गौ सेवा संरक्षक तथा राहुल भूतड़ा (करहीभदर) को प्रांतीय मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता नियुक्त किया गया।
समारोह में माहेश्वरी समाज के वरिष्ठजन, पूर्व पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों युवाओं की उपस्थिति ने इसे विशेष बना दिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पुरुषोत्तम टावरी, रामरतन मूंदड़ा, प्रदीप गांधी, देवरतन तापड़िया, पवन डागा, सुनील माहेश्वरी, रमेश भट्टड़, रमेश केला, विजय केला, अजय राठी, राजेश मंत्री और सतीश चांडक सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
“आरंभ” केवल एक शपथ ग्रहण समारोह नहीं था, बल्कि यह आने वाले वर्षों में समाज को नई दिशा देने, युवाओं को नेतृत्व से जोड़ने और सेवा, संस्कार तथा संगठन के मूल्यों को मजबूत करने का सामूहिक संकल्प बनकर उभरा।




















