
प्रभात फेरी के दौरान “जियो और जीने दो” के गूंजते नारों ने पूरे शहर के वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। श्रद्धालु हाथों में ध्वज और बैनर लिए भगवान महावीर के संदेशों का प्रसार करते हुए नगर भ्रमण पर निकले। मार्ग में रंगोली, पुष्प सज्जा और भक्ति गीतों के साथ श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर स्थानीय महावीर भवन में नवकारसी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से नवकार मंत्र का जाप कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और सद्भाव की कामना की। धार्मिक आयोजन के दौरान समाजजनों ने संयम, सेवा और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।

प्रभात फेरी में जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जैन, श्री संघ के अध्यक्ष ताराचंद सांखला, जन्मकल्याणक समिति के अध्यक्ष हरीश सांखला, मांगीलाल ढेलढीया, गुलाबचंद नाहटा, गौतमचंद नाहटा, मोहन नाहटा, गौतमचंद बाफना, संतोष नवलखा, स्वरूप गोलछा, कुशालचंद परख, प्रमोद-विनोद गोलछा, ललित एवं दिनेश श्रीश्रीमाल, मुकेश भंसाली, सुभाष चोपड़ा, सुरेश ललवानी, प्रदीप चोरड़िया, विनोद श्रीश्रीमाल, लक्की लोढ़ा, निलेश नाहटा, शुभम श्रीश्रीमाल, महावीर बाफना, देवेंद्र नाहटा सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

महिलाओं में त्रिशला जैन, कंचन श्रीश्रीमाल, सरिता गोलछा, रंजना भंसाली, गिफ्टी भंसाली, निक्कू चोरड़िया, पूजा श्रीश्रीमाल, दर्शिका लोढ़ा, सुशीला गोलछा समेत अनेक श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जन्मकल्याणक महोत्सव के अंतर्गत आगामी दिनों में धार्मिक प्रवचन, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा और सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे भगवान महावीर के अहिंसा, सत्य और आत्मसंयम के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।




















