प्रदेश रूचि

धान खरीदी पर EX CM भूपेश बघेल का सरकार पर तीखा हमला, बोले किसान धान बेचने से वंचित, अधिकारी राज हावी

बालोद।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर साय सरकार पर जोरदार हमला बोला है। दल्लीराजहरा जाते समय जिला मुख्यालय के दल्ली तिराहे चौक में विधायक के नेतृत्व में गाजे-बाजे और आतिशबाजी के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अलग-अलग सोसायटियों में आज भी दर्जन भर किसानों का धान संग्रहण केंद्रों में रखा हुआ है। कहीं टोकन नहीं कटा है, तो कहीं टोकन कटने के बावजूद धान की खरीदी नहीं की जा रही। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह किसी एक किसान की नहीं, बल्कि सैकड़ों-हजारों किसानों की समस्या है।


किसान इस साल धान बेचने से वंचित
भूपेश बघेल ने कहा कि इस साल किसान धान बेचने से वंचित हो गए हैं और इसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है और प्रदेश में “अधिकारी राज” कायम हो गया है।

धान खरीदी में बालोद दूसरे नंबर पर सबसे पीछे
पूर्व मुख्यमंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बालोद जिला प्रदेश में धान खरीदी के मामले में दूसरे नंबर पर सबसे कम खरीद वाला जिला बन गया है। पहले स्थान पर महासमुंद जिला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बालोद में समय पर टोकन जारी नहीं किए गए, ऑनलाइन व्यवस्था शुरू नहीं हुई और रकबा समर्पण की प्रक्रिया में भी भारी गड़बड़ी हुई।

रकबा समर्पण और किसानों के साथ अन्याय का आरोप
भूपेश बघेल ने कहा कि विधायक संगीता सिन्हा द्वारा जिन किसानों का रकबा समर्पण कराया गया था, उनमें से कई किसानों ने वास्तव में रकबा समर्पण किया ही नहीं था। इसके बावजूद किसानों को कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन अंततः उनका धान नहीं बिका। उन्होंने इसे किसानों के साथ खुला अन्याय बताया।


पूर्व विधायक का धान नहीं बिका, आम किसान की क्या हालत होगी?
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा की पूर्व विधायक कुमारी बाई साहू खुद अपने धान को बेचने के लिए सोसायटी में धरने पर बैठीं, फिर भी उनका धान नहीं खरीदा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक पूर्व विधायक का धान नहीं बिक पा रहा, तो आम किसान की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रशासन पर प्राइवेसी उल्लंघन का गंभीर आरोप
भूपेश बघेल ने प्रशासन पर निजी गोपनीयता के उल्लंघन का भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके घर में रखे धान की बिना अनुमति फोटो ली गई। अगर पहले अनुमति ली जाती, तो वे किसी को घर में प्रवेश की इजाजत नहीं देते।

किसान आंदोलन कर रहे थे, सरकार उत्सव मना रही थी
सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में किसान धान खरीदी को लेकर आंदोलन कर रहे थे, तब सरकार बस्तर में उत्सव मना रही थी।इस दौरान विधायक संगीता सिन्हा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू, पार्षद कसमुद्दीन कुरैशी, सुमित शर्मा, रीता सोनी, अनिल यादव, पद्मनी नन्नू साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!