
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू ने कहा कि 125 दिन रोजगार देने का वादा करने वाले नरेंद्र मोदी पिछले पांच वर्षों में श्रमिकों को औसतन केवल 50 दिन का ही काम दे पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “राम के नाम पर मजदूरों को ठगा जा रहा है और मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है।”
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का रवैया खेती और किसानों के प्रति लगातार नकारात्मक रहा है। पूर्व में भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस मनरेगा के तहत रोजगार के अधिकार के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।कांग्रेस प्रवक्ता यज्ञ देव पटेल ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में किसान सबसे बड़ा वर्ग है और सरकार को उनके हितों की अनदेखी करने का दुस्साहस नहीं करना चाहिए।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने सरकार पर मनमाना रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि धान का अंतिम दाना खरीदने का वादा करने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार को धान खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ानी चाहिए, क्योंकि क्षेत्र में आज भी हजारों किसान धान बेचने से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा में बदलाव कर श्रमिकों से रोजगार का अधिकार छीना जा रहा है, जिसके विरोध में कांग्रेस सभी ब्लॉकों में चक्काजाम कर रही है।
विधायक संगीता सिंह ने कहा कि कांग्रेस लगातार समितियों में जाकर किसानों की समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास कर रही है, लेकिन सरकार की नीयत साफ नहीं दिख रही। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों पर छापेमारी कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। “पहले लगता था सरकार की नीयत नहीं है, अब यह भी स्पष्ट हो रहा है कि सरकार के पास धान खरीदने की हैसियत भी नहीं बची है,” धरना-प्रदर्शन को रविप्रकाश यादव, ओमप्रकाश गजेंद्र, लता कोर्राम, शारदा सिंह, धीरज उपाध्याय, पद्मनी साहू, टुकेश हिरवानी, कृष्णा दुबे सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा ने कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अर्धनग्न होकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का चक्काजाम
धरना-प्रदर्शन के बाद धान खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता दुर्ग-बालोद मुख्य मार्ग पर पहुंचे और अर्धनग्न होकर चक्काजाम किया। प्रदर्शन के दौरान सड़क पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
इस चक्काजाम में पुरुषोत्तम पटेल, शंभू साहू, कमलेश श्रीवास्तव, देवेंद्र साहू, रोहित सागर, वैभव साहू, विनोद बंटी शर्मा, रीता सोनी, कासीमुद्दीन कुरेशी, सतीश यादव, अनिल यादव, सुमित शर्मा, दिनेश साहू, गंगाराम साहू, शेख मदीना, अश्विनी गौतम, मनोज ठाकुर, विमलेश साहू, उत्तम साहू, रघुनाथ ठाकुर, राहुल निषाद, श्यामा देवी, दुष्यंत साहू, तोमर साहू, अशोक कल्याणी, दुर्गा प्रसाद साहू, सोमेश्वर यादव सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता व नागरिक मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि धान खरीदी की तिथि नहीं बढ़ाई गई और मनरेगा के अधिकारों में कटौती बंद नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




















