युवाओं ने आत्मविश्वास, विषय की समझ और मर्यादित संवाद से यह स्पष्ट किया कि लोकतंत्र का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। यह आयोजन भावी नेतृत्व को गढ़ने की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में उभरा।

अनुशासन और नेतृत्व की सशक्त झलक
यूथ पार्लियामेंट की सराहना करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि रोवर–रेंजरों ने जिस अनुशासन और गंभीरता से अपनी भूमिका निभाई, वह देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। ऐसे मंच युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, संसदीय परंपराओं और जिम्मेदार नागरिकता की मजबूत नींव रखते हैं।

इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि रोवर–रेंजर देश का आने वाला भविष्य हैं और ऐसे आयोजनों से उनके व्यक्तित्व को दिशा मिलती है। कार्यक्रम में भारतीय स्काउट–गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के. के. खंडेलवाल, राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा, जिला मुख्य आयुक्त राकेश यादव, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल सहित बड़ी संख्या में रोवर–रेंजर, स्काउट–गाइड और नागरिक मौजूद रहे।

सीख, सेवा और साहस से भरा तीसरा दिन
जंबूरी के तीसरे दिन विविध और प्रेरक गतिविधियों का आयोजन हुआ। फ्लैग सेरेमनी के साथ अनुशासन और एकता का संदेश दिया गया। डॉग शो, मार्च पास्ट, स्वच्छ भारत से जुड़ी

प्रतियोगिताओं में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
आदिवासी संस्कृति और आधुनिकता का अनूठा संगम भी देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा, लोकवाद्य, नृत्य और व्यंजनों की प्रस्तुति के साथ हॉर्स राइडिंग, बाइक रेस और वाटर एक्टिविटी जैसी साहसिक गतिविधियों ने आयोजन को खास बनाया।
इसके अलावा आपदा प्रबंधन, ग्लोबल डेवलपमेंट विलेज, वृक्षारोपण, क्विज, पायोनियरिंग प्रोजेक्ट, नाइट हाईक और इंटरनेशनल नाइट जैसे कार्यक्रमों ने जंबूरी को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी दिया।

कुल मिलाकर, नेशनल रोवर–रेंजर जंबूरी का तीसरा दिन लोकतंत्र, संस्कृति और युवा नेतृत्व के सशक्त प्रदर्शन के रूप में यादगार बन गया।




















