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धान खरीदी, जल-जंगल-जमीन को लेकर कांग्रेस का विरोध, DMF से लाखों खर्च के बाद ताँदुला श्रमदान पर सवाल

बालोद | बालोद जिले में सोमवार को जिला युवा कांग्रेस के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के कथित कुशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। झलमला एनएच-930 तिराहे पर आयोजित एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के दौरान सांकेतिक सड़क जाम भी किया गया। इस आंदोलन में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल रहे।
धरना प्रदर्शन के दौरान जनहित से जुड़े कई मुद्दों को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रमुख रूप से अरावली पर्वत को बचाने और उसके निजीकरण का विरोध, छत्तीसगढ़ के जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा, किसानों को धान खरीदी में आ रही दिक्कतों का समाधान और समर्थन मूल्य बोनस एक साथ देने, उन्नाव रेप केस में आरोपी कुलदीप सेंगर की जमानत याचिका खारिज कर पीड़िता को न्याय दिलाने, बालोद जिले में डीएमएफ फंड के कथित दुरुपयोग की जांच, जगतरा और धोबनपुरी धान संग्रहण केंद्रों में करोड़ों रुपये के धान शार्टेज मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर, तथा मालीघोरी और फुण्डाभाठा केंद्रों में शार्टेज की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग शामिल रही। इसके साथ ही नियमों के विरुद्ध और बिना टेंडर किए गए कार्यों की भी जांच की मांग की गई।
धान शार्टेज मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि धान शार्टेज मामलों में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर जिम्मेदार अधिकारियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धान खरीदी के नाम पर किसानों को भौतिक सत्यापन में अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है, वहीं डीएमएफ राशि में भी भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने मांग की कि मामलों की सूक्ष्म और निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।


देश की धरोहर उद्योगपतियों को बेची जा रही”
जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत बोकड़े ने आरोप लगाया कि देश और प्रदेश की प्राकृतिक व ऐतिहासिक धरोहरों को उद्योगपतियों के हित में बेचा जा रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में रामगढ़ की पहाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार जनहित के बजाय निजी हितों को प्राथमिकता दे रही है। साथ ही किसानों को धान बेचने में हो रही परेशानियों को दूर करने और व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डीएमएफ फंड का दुरुपयोग कर बिना टेंडर 12 लाख रुपये की स्वीकृति देकर तांदुला की सफाई कराई जा रही है, जबकि बाद में श्रमदान अभियान चलाने की तैयारी है।
बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना एवं सांकेतिक चक्काजाम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी, पूर्व अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर, कृष्णा दुबे, पूर्व नपाध्यक्ष विकास चोपड़ा, जिला पंचायत सदस्य गुलशन चंद्राकर, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत बोकड़े सहित महिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, युवा कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में और बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

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