गौधाम संचालन हेतु आवेदन की तिथि 15 अक्टूबर तक बढ़ाई गई
बालोद, छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना के अंतर्गत अब इच्छुक संस्थाओं को आवेदन करने के लिए और अधिक समय मिल गया है। राज्य शासन ने गौधाम संचालन के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर से बढ़ाकर 15 अक्टूबर 2025 तक कर दी है।
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मोड में आमंत्रित आवेदन
गौधाम संचालन हेतु स्वयंसेवी संस्थाएं (एनजीओ), ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियां तथा सहकारी समितियां पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड में आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं। यह योजना उन संस्थाओं के लिए अवसर है जो गौसेवा, पशु नस्ल सुधार और गौसंवर्धन के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
गौवंश संरक्षण और संवर्धन को मिलेगा प्रोत्साहन
योजना का उद्देश्य निराश्रित, घुमंतु तथा कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 एवं 2014 के अंतर्गत जब्त किए गए गौवंश का संरक्षण और संवर्धन करना है। इसके लिए राज्य के उपयुक्त स्थलों पर गौधाम की स्थापना की जाएगी।
गौधाम हेतु भूमि और सुविधाएं
उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं ने बताया कि चयनित स्थलों पर सुरक्षित बाड़ा, पशु शेड, पानी-बिजली की व्यवस्था और हरे चारे की उत्पादन क्षमता वाली भूमि अनिवार्य रूप से उपलब्ध होगी। जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर राज्य गौसेवा आयोग की स्वीकृति के बाद ही गौधाम संचालन की अनुमति दी जाएगी।
राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास होगा पहला चरण
योजना के प्रथम चरण में प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में गौधामों की स्थापना की जाएगी। यदि चिन्हांकित स्थल के समीप कोई पंजीकृत गौशाला समिति सहमति प्रदान करती है, तो उसे भी प्राथमिकता दी जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक संस्थाओं को निर्धारित प्रारूप में आवेदन 15 अक्टूबर 2025 तक संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करना होगा। इसके पश्चात जिला प्रशासन द्वारा परीक्षण कर चयनित संस्थाओं की अनुशंसा राज्य गौसेवा आयोग को अनुमोदन हेतु भेजी जाएगी।
गौधाम योजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल गौवंश संरक्षण और संवर्धन को बल मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।




















